नई पहल: इस विवि ने छात्राओं को "पीरियड्स" की छुट्टी देने की शुरूआत, ऐसा करने वाला ये प्रदेश बना पहला राज्य
केरल के एक विवि ने अपने यहां पढ़ने वाली छात्राओं को मासिक धर्म के समय अवकाश देने की नई पहल की है।

Girl students on menstruation Period leave: लड़कियों और महिलाओं को मासिक धर्म के समय तमाम परेशानियां झेलनी और सहनी पड़ती है। ऐसे में पढ़ाई करने या काम पर जाना उनके लिए काफी चैलेजिंग होता है। छात्राओं और महिलाओं की इस समस्या को एक विश्वविद्यालय ने समझा और उसने अपने यहां पढ़ने वाली छात्राओं को मासिक धर्म के समय छुट्टी देने की नई पहल की है।
ऐसा अवकाश देने की शुरूआत करने वाला ये राज्य केरल है। जहां के कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (क्यूसैट) ने अपने यहां पढ़ने वाली छात्राओं को मासिक धर्म की छुट्टी देने की शुरूआत की है। मासिक धर्म लाभ के रूप में प्रत्येक महिला छात्र अपनी कुल उपस्थिति के 2 प्रतिशत का दावा कर सकती है।
केरल के इस विश्वविद्यालय ने अपनी छात्राओं को मासिक धर्म की छुट्टी देने का फैसला किया है। कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (क्यूसैट) ने विश्वविद्यालय के छात्र संघ की मांग के बाद ये निर्णय लिया है। विवि ने इसको लेकर एक आदेश भी जारी किया है। ऐसा करके विवि ने छात्राओं की लंबे समय से लंबित मांग को पूरा किया है। विवि के इस फैसले से यूनिवर्सिटी में पीएचडी समेत विभिन्न विषयों में पढ़ने वाली 4,000 से अधिक छात्राएं इससे लाभांवित होगी।
विवि ने अपने इस आदेश में कहा कि Cusat में छात्राएं अटेंडेंस की कमी होने पर अतिरिक्त छूट के रूप में मासिक धर्म लाभ का दावा कर सकती हैं। प्रत्येक सेमेस्टर में 2 प्रतिशत का अतिरिक्त अवकाश का लाभ दिया जाएगा।
बता दें वर्तमान समय में 75 फीसदी अटेंडेंस वाले स्टूडेंट ही सेमेस्टर परीक्षा दे सकते हैं। इससे कम अटेंडेंस होने पर कुलपति को अप्लीकेशन देकर मेडिकल सर्टीफिकेट देना अनिवार्य है। हालांकि, मासिक धर्म की छुट्टी के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है, इस छुट्टी को लेने के लिए छात्रा को केवल एक अप्लीकेशन देने होगी।
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गौरतलब है कि विवि से छात्राओं को मासिक धर्म की छुट्टी की अनुमति देने के लिए स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के नेतृत्व में विश्वविद्यालय के छात्र संघ ने मांग की थी। संघ के हस्तक्षेप के बाद विवि ने ये मासिक धर्म में छुट्टी देने का फैसला लिया है। याद रहे केरल में महात्मा गांधी विश्वविद्यालय ऐसा विवि है जिसने पिछले महीने अपनी डिग्री और स्नातकोत्तर छात्रों को 60 दिनों का मातृत्व अवकाश देने का फैसला किया।












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