एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में CM योगी का अहम कदम, सरकारी रनवे का इस्तेमाल करेंगी निजी संस्थाएं
लखनऊ। उत्तर प्रदेश (Uttarpradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। मंगलवार को सीएम योगी ने नागरिक उड्डयन विभाग के अधीन आने वाले 14 रनवे का उपयोग निजी संस्थाओं को करने का प्रस्तुतीकरण किया। सरकार की इस पहल के द्वारा एविएशन ट्रेनिंग की दिशा में निजी संस्थाओं को काफी मदद मिलेगी। इस बदलाव के बाद विभिन्न निजी फ्लाइंग क्लब्स सरकारी हवाई पट्टियों का इस्तेमाल पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक ढंग से कर सकेंगी।

यूपी में एविएशन सेक्टर में हो रही है तरक्की- सीएम योगी
सीएम योगी के आवास पर हुए एक कार्यक्रम में योगी ने कहा कि बीते साढ़े तीन साल में एयर कनेक्टिविटी के लिहाज से प्रदेश में अभूतपूर्व काम हुआ है। वर्तमान में प्रदेश के अंदर 7 एयरपोर्ट हैं और 1 उड़ान के लिए तैयार है जबकि 12 अन्य एयरपोर्ट का विकास राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा 8 अतिरिक्त रनवे भी हैं। सीएम योगी ने कहा कि कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का विकास कार्य पूरा हो चुका है। वहीं जेवर एयरपोर्ट पर पांच रनवे बनाने से संबंधित स्टडी को PMIC ने स्वीकृति दे दी है। सीएम योगी ने कहा कि अपने संसाधनों से इतनी संख्या में एयरपोर्ट विकसित करने में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य है।
एविएशन सेक्टर में करियर के अवसर होंगे पैदा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार एयर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के साथ-साथ इस क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं को बेहतरीन प्रशिक्षण के अवसर भी उपलब्ध कराएगी। इस मौके पर नागरिक एवं उड्डयन विभाग के निदेशक व सचिव सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रस्तावित नीति में विमानन के क्षेत्र में पायलट, इंजीनियर, टेक्नीशियन, फ्लाइट डिस्पैचर केबिन-क्रू से सम्बन्धित प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके लिए सरकारी रनवे के इस्तेमाल की व्यवस्था सरकार द्वारा की जा रही है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अतिरिक्त हवाई पट्टी राजकीय विमानों तथा चार्टर आपरेशन के लिए भी उपलब्ध रहेगी। निजी संस्था को स्वयं के व्यय पर ट्रेनिंग हेतु इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करना होगा तथा नियामक संस्थाओं से स्वीकृतियाँ प्राप्त करना व उनकी गाइडलाइंस का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।
ई टेंडरिंग की प्रणाली अपनाई जाएगी
हवाई पट्टी पर उपलब्ध अन्य संसाधनों का उपयोग निजी संस्थाओं द्वारा किया जा सकेगा। इसके अलावा, अब तक फ़्लाइंग क्लब्स से प्रारंभिक 05 वर्ष और फिर 5-5 वर्ष करके 30 वर्ष तक नवीनीकरण की व्यवस्था थी, जिसे अब एकमुश्त 10 वर्ष किए जाने का प्रस्ताव है। साथ ही, इन्फ्रास्ट्रक्चर के दृष्टिगत नाइट लैंडिंग की सुविधा भी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि फ्लाइंग क्लब के आवंटन के लिए ई टेंडरिंग प्रणाली अपनाई जा सकती है।
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