Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

CM के लिए ऐसी दीवानगी! महिला ने किया KISS, कांग्रेस ने उठाए सवाल तो हिमंत बिस्वा सरमा ने दिया मुंहतोड़ जवाब

Himanta Biswa Sarma: असम की राजनीति में एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक हलचल मचा दी।जब सीएम हिमंत बिस्वा सरमा धेमाजी में चुनाव प्रचार कर रहे थे, तभी उनके आसपास जुटी महिला समर्थकों की भीड़ ने माहौल को भावनात्मक बना दिया। सैकड़ों महिलाएं उन्हें घेरकर खड़ी थीं-किसी की आंखों में आंसू थे, तो कोई मुस्कुरा रही थी। लोग उन्हें छूने, गले लगाने और उस पल को मोबाइल में कैद करने के लिए बेताब दिखे।

इसी दौरान एक महिला समर्थक अचानक आगे आई और उन्होंने सीएम को गले लगाकर उनके गाल पर किस कर लिया। यह पूरा दृश्य कैमरे में कैद हो गया और कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

Himanta Biswa Sarma

वायरल वीडियो से सियासत गर्म

जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, विपक्ष ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। खासकर कांग्रेस ने इस घटना को लेकर तंज कसे और इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की। लेकिन सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने अंदाज में संभालते हुए इसे 'पब्लिक लव' का प्रतीक बता दिया। उन्होंने साफ कहा कि यह कोई अचानक मिली लोकप्रियता नहीं है, बल्कि 25 साल की मेहनत और लोगों के बीच लगातार मौजूद रहने का नतीजा है।

Jalukbari Election: कौन हैं बिदिशा नियोग? हिमंत बिस्वा के खिलाफ लड़ेंगी चुनाव, जलुकबारी में फंसेगा CM का किला?
Jalukbari Election: कौन हैं बिदिशा नियोग? हिमंत बिस्वा के खिलाफ लड़ेंगी चुनाव, जलुकबारी में फंसेगा CM का किला?

सीएम सरमा का जवाब- ऐसा प्यार सबको नहीं मिलता है

हिमंत बिस्वा सरमा ने आलोचनाओं पर पलटवार करते हुए कहा कि यह प्यार हर वर्ग से मिलता है। उन्होंने कहा, "माताओं से लेकर बच्चों और बुजुर्गों तक, सभी मुझे स्नेह देते हैं। यह जो किस है, इसमें पवित्रता, एकता और प्रेम है। यह सब रातोंरात नहीं मिला, इसके पीछे 25 साल की तपस्या है।"

उन्होंने आगे यह भी जोड़ा कि चाहे बाढ़ हो, कोविड आईसीयू हो या बच्चों के कल्याण के कार्यक्रम, वे हमेशा लोगों के बीच सबसे आगे खड़े रहे हैं। उनका कहना है कि अगर राजनीति ईमानदारी से की जाए, तो जनता का प्यार अपने आप मिलता है।

Election 2026

कांग्रेस पर तंज, सियासी संदेश साफ

सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने विपक्ष पर सीधा हमला करते हुए कहा कि अगर कांग्रेस यह पूछती है कि उन्हें ऐसा प्यार क्यों नहीं मिलता, तो इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। यह बयान साफ तौर पर यह संदेश देता है कि सरमा इस घटना को अपनी लोकप्रियता और जनता से जुड़ाव के प्रमाण के रूप में पेश कर रहे हैं। इससे पहले भी जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान लगी खरोंचों को उन्होंने "प्यार के निशान" बताया था। यानी वे भीड़ के बीच इस तरह के अनुभवों को नकारात्मक नहीं बल्कि सकारात्मक तरीके से पेश कर रहे हैं।

चुनाव से पहले बड़ा संकेत

यह घटना सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं रह गई है, बल्कि 2026 के असम विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ा राजनीतिक संकेत बन गई है। लखीमपुर और आसपास के इलाकों में महिलाओं की भारी मौजूदगी यह दिखाती है कि महिला वोटर इस बार चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाली हैं।

असम में करीब 1.24 करोड़ महिला मतदाता हैं, जो कुल वोटर्स का लगभग आधा हिस्सा हैं। पिछले चुनावों में महिलाओं की वोटिंग प्रतिशत पुरुषों से ज्यादा रही है। ऐसे में किसी भी पार्टी के लिए महिला वोट बैंक बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

महिला वोटर्स पर BJP का फोकस

बीजेपी ने असम में महिलाओं को केंद्र में रखकर कई योजनाएं चलाई हैं। 'ओरुनोदोई' योजना के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं 'लखपति बाइदियो' योजना के जरिए लाखों महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इसके अलावा 'मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान' और 'स्वनिर्भर नारी' जैसी योजनाएं महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर फोकस करती हैं। इन योजनाओं के जरिए बीजेपी ने महिलाओं के बीच अपनी मजबूत पकड़ बनाने की कोशिश की है।

ये एक चुनावी मैसेज

लखीमपुर की यह घटना अब सिर्फ एक वायरल क्लिप नहीं रही, बल्कि इसे 'विश्वास और जुड़ाव' के प्रतीक के रूप में पेश किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह घटना दिखाती है कि सरमा जनता खासकर महिला वोटर्स के बीच किस तरह की पकड़ रखते हैं। सीएम पहले ही जलुकबाड़ी सीट से नामांकन दाखिल कर चुके हैं। 9 अप्रैल को मतदान और 4 मई को मतगणना होनी है। ऐसे में यह वायरल मोमेंट चुनावी रणनीति का हिस्सा भी बन सकता है।

असम की राजनीति में यह घटना एक नई बहस को जन्म दे रही है। जहां विपक्ष इसे मुद्दा बना रहा है, वहीं हिमंत बिस्वा सरमा इसे जनता के प्यार और अपने लंबे राजनीतिक सफर की उपलब्धि बता रहे हैं। साफ है कि चुनावी मौसम में हर तस्वीर और हर पल अब सिर्फ दृश्य नहीं, बल्कि संदेश बन चुका है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+