किसान आंदोलन: केजरीवाल के उपवास पर बोले कैप्टन- 'राजनीतिक फायदे के लिए वो बेच सकते हैं अपनी आत्मा'
नई दिल्ली: मोदी सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन जारी है। इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने कैबिनेट मंत्रियों, विधायको, सांसदों और पार्षदों के साथ उपवास रखा। सोमवार शाम 5 बजे उपवास तोड़ते हुए उन्होंने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। साथ ही कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। केजरीवाल की इस उपवास पॉलिटिक्स पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर निशाना साधा है।

केजरीवाल का उपवास खत्म होने के बाद सीएम अमरिंदर ने ट्वीट कर लिखा कि हर पंजाबी इस बात को जानता है कि मैं ईडी और अन्य मामलों से डरने वाला नहीं हूं। अगर किसी काम से उनके राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति होती है, तो केजरीवाल अपनी आत्मा बेच देंगे। अगर आपको लगता है कि किसान आपकी नौटंकी (उपवास) से आपके पाले में आ जाएंगे, तो आपकी सोच पूरी तरह गलत है। दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि पंजाब और भारत के किसानों को पता है कि नए कृषि कानूनों में से एक को अधिसूचित करके आपने किसानों के हितों को बेच दिया है। क्या आप पर केंद्र सरकार को दबाव था?
केजरीवाल ने कही थी ये बात
पंजाब में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं, ऐसे में सभी पार्टियां किसान आंदोलन के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश में जुटी हैं, जिस वजह से उनमें जुबानी जंग भी जारी है। हाल ही में अरविंद केजरीवाल ने कैप्टन पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने फायदे के लिए किसानों को बेच दिया। केजरीवाल ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने बेटे के ED केस को माफ करवाने की डील केंद्र सरकार से की और इसके लिए उन्होंने किसानों के आंदोलन को बेच दिया।
बीजेपी ने भी केजरीवाल पर किया पलटवार
वहीं बीजेपी ने भी केजरीवाल के उपवास पर पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर कहा है कि अरविंद केजरीवाल ने खुद नवंबर महीने में इस कृषि कानून को दिल्ली में लागू किया था, फिर वो अब इसका विरोध क्यों कर रहे हैं? ये केजरीवाल का पाखंड नहीं तो और क्या है। प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि केजरीवाल जी आपने पंजाब विधानसभा चुनावों में वादा किया था कि जीतने पर APMC कानून में संशोधन किया जाएगा।












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