• search

सुभाष चंद्र बोस के पड़पोते ने कहा- बकरी का मीट खाना बंद करें हिन्दू, गांधीजी मानते थे माता

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    कोलकाता: नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पड़पोते और पं. बंगाल बीजेपी के उपाध्यक्ष चंद्र कुमार बोस के हालिया ट्वीट को लेकर सियासत तेज होती दिखाई दे रही है। चंद्र कुमार बोस ने ट्वीट करते हुए कहा कि अगर आप लोग बीफ खाने के लिए लोगों पर हमले करते हैं तो आप सभी को भी बकरी का मीट खाना बंद कर देना चाहिए क्योंकि महात्मा गांधी बकरी को माता मानते थे, इसलिए हिंदुओं को बकरी का मांस खाना छोड़ देना चाहिए।

    ये भी पढ़ें: धर्म और कपड़ों पर ट्रोल करने वालों को मंदना करीमी ने दिया ऐसा जवाब, कभी भूल नहीं पाएंगे

    ck bose grand nephew of netaji subhas chandra bose says hindus should stop eating goat meat

    चंद्र कुमार बोस ने मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर अपनी बात रखते हुए ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि उनके दादा सरत चंद्र बोस के वुडबर्न पार्क स्थित घर में गांधी जी रहते थे। उन्होंने उस वक्त बकरी के दूध की मांग की थी। तब उनके लिए उस घर में दो बकरियां लाई गई थीं, गांधी जी उन बकरियों का दूध पीते थे और बकरियों को माता मानते थे।

    उन्होंने कहा कि आज देश में किस प्रकार जगह-जगह हिंसक घटनाएं हो रही हैं, मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ रही है। लोगों को धर्म और राजनीति को आपस में जोड़कर नहीं देखना चाहिए। अगर आप लोग बकरी का दूध पीते हैं, इसका मतलब आप उसे मां समान मानते हैं। वहीं, इस ट्वीट को लेकर मचे बवाल के बाद भी वो अपनी बात पर कायम हैं और उन्होंने कहा है कि लोगों को उनकी बात का मतलब समझना चाहिए।

    ये भी पढ़ें: गुरुग्राम: पूर्व BJP महिला नेता ने ससुर और पति पर लगाए रेप का आरोप

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    ck bose grand nephew of netaji subhas chandra bose says hindus should stop eating goat meat

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more