सुब्रमण्यम स्वामी ने बताया वो तरीका, जिससे महाराष्ट्र में फिर से बन सकती है BJP-शिवसेना की सरकार
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सिंघासन को लेकर बीजेपी-शिवसेना का 30 साल पुराना रिश्ता टूट गया। बीजेपी का हाथ छोड़ शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के गठबंधन की सरकार बना ली। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बना दिया गया। लेकिन नागरिकता संशोधन बिल पर शिवसेना ने मोदी सरकार का खुले तौर पर साथ दिया और राज्यसभा में वोटिंग का बहिष्कार कर परोक्ष तौर पर साथ खड़ी नजर आई। अब इस तरह के बदलाव पर बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने दिलचस्प ट्वीट किया है।
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स्वामी ने बताया फॉर्मूला- महाराष्ट्र में फिर बन सकती है बीजेपी की सरकार
सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट करते हुए लिखा 'ये अच्छी बात है कि शिवसेना ने अपने हिंदुत्व विचारधारा को पीछे नहीं छोड़ा है। नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ शिवसेना ने वोट नहीं किया। ये समय है कि बीजेपी और शिवसेना फिर से बातचीत शुरू करे। वो चाहे तो सीएम का पोस्ट ढाई साल तक के लिए रख सकते हैं।'
राज्यसभा में ये कहा था संजय राऊत ने
लोकसभा में शिवसेना ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने की वकालत की थी। लेकिन वोटिंग अधिकार नहीं देने की हिमायत की। राज्यसभा में शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने तीखे बोल से मोदी सरकार पर हमला और तंज कसा। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व के मुद्दे पर बीजेपी से न तो सलाह और न तो सर्टिफिकेट की जरूरत है। आखिर बीजेपी कौन होती है देशद्रोही और देशप्रेमी का तमगा देने वाली। इसके साथ ये भी कहा कि बीजेपी जिस स्कूल में पढ़ रही है उस स्कूल के वो लोग हेडमास्टर रह चुके हैं।

राज्यसभा में भी पास हो गया नागरिकता संशोधन बिल
नागरिकता संसोधन बिल बुधवार को राज्यसभा से भी पास हो गया। इस बिल के पक्ष में 125 वोट और विरोध में 99 वोट पड़े। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में दोपहर 12 बजे नागरिकता संशोधन बिल को पेश किया, जिसके बाद इस बिल पर ऊपरी सदन में चर्चा हुई। इस दौरान विपक्षी नेताओं ने जमकर हंगामा किया। चर्चा के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने अपना जवाब सदन के समक्ष प्रस्तुत किया। जिसके बाद राज्यसभा में यह ऐतिहासिक बिल पास हो गया।












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