CAA: बंगाल समेत तीन राज्यों में नागरिकता देना शुरू, कितने लोगों को मिला प्रमाण पत्र? जानिए पूरी डिटेल
Citizenship Amendment Act: तीन राज्यों की अधिकार प्राप्त समितियों ने बुधवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के तहत आवेदकों के लिए नागरिकता प्रमाण पत्र का पहला सेट जारी कर कर दिया है। जिन राज्यों में विदेशी शरणार्थियों को नागरिकता मिली है, उनमें हरियाणा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं और उनके मूल जन्म स्थान अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे देशों हुआ है। सीएए के तहत नागरिकता पाने वाले लोग लंबे समय से भारत में रहते आए हैं।
सीएए के तहत इस हफ्ते बुधवार को बंगाल, हरियाणा और उत्तराखंड में आवेदकों को बुधवार को सीएए के तहत नागरिकता प्रमाण पत्र प्राप्त हुए। दरअसल, ये पहला मौका है जब सीएए को अधिसूचित किए जाने के बाद, नागरिकता प्रमाणपत्र का पहला सेट जारी किया गया। जिसके तहत भारत में रह रहे शरणार्थियों को लाभ दिया गया। इस हफ्ते बुधवार को बंगाल, हरियाणा और उत्तराखंड में आवेदकों को बुधवार को सीएए के तहत नागरिकता प्रमाण पत्र प्राप्त हुए।

क्या है सीएए?
यह एक्ट नागरिकता अधिनियम 1955 में संशोधन के साथ लागू किया गया। इस एक्ट तहत भारत में रह रहे अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदू, सिख, जैन, पारसी, बौद्ध और ईसाई समुदायों से आने वाले प्रवासियों को मिलेगा। अधिनियम के तहत भारतीय नागरिकता के दायरे में केवल उन्हीं शरणार्थियों को लाया जाएगा जो धार्मिक उत्पीड़न के चलते वर्ष1955 या फिर उससे पहले भारत में प्रवेश कर गए थे।
हालांकि ये कानून पूरे भारत में विपक्षी दलों की ओर से व्यापक विरोध के कारण चर्चा में रहा। बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने सीएए बार-बार सीएए विरोध किया। बंगाल की सीएम ने केंद्र की मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए इस कदम को मानवता का अपमान और राष्ट्र के मूलभूत सिद्धांतों के लिए खतरा तक बता डाला।












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