गुवाहाटी हाईकोर्ट का असम सरकार को इंटरनेट सेवा बहाल करने का आदेश
नई दिल्ली। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने गुरुवार को असम सरकार को आदेश दिया कि वो मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बहाल करे। गुरुवार को राज्य में इंटरनेट और संचार साधनों पर रोक को लेकर अदालत ने कहा कि शाम 5 बजे तक इंटरनेट सेवाओं को बहाल किया जाए। वहीं जानकारी मिली है कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शनों को देखते हुए असम सरकार ने इसमें असमर्थता जताते हुए इंटरनेट सेवाओं को अभी निलंबित रखने का फैसला किया है। इंटरनेट सेवा शुक्रवार सुबह 9 बजे तक निलंबित रहेगी।

नागरिकता कानून के संसद के पास होने के बाद असम में लोग सड़कों पर हैं और भारी विरोध जता रहे हैं। प्रदर्शनों के कारण बीते 11 दिसंबर से प्रदेश में इंटरनेट सेवा निलंबित है। इसी को लेकर अदालत में भी मामला गया था। विरोध प्रदर्शन के बीच मंगलवार को ब्रॉडबैंड सेवाएं बहाल हो गईं लेकिन मोबाइल और इंटरनेट सेवा को बंद ही रखा गया है।
नागरिकता संशोधन अधिनियम के पास होने के बाद से ही असम के हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। 11 दिसंबर से जारी प्रदर्शनों में अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है। प्रदेश की राजधानी गुवाहाटी से हालांकि कर्फ्यू हटा लिया गया है लेकिन फिजा में तनाव बरकरार है। दूसरे शहरों में भी कर्फ्यू में ढील दी जा रही है।
बता दें कि नागरिकता संशोधन एक्ट, 2019 को हाल ही में सदन से मंजूरी मिली है। इस कानून में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के शरणार्थियों को नागरिकता का प्रस्ताव है। कांग्रेस समेत ज्यादातर विपक्षी दल और कई सामाजिक संगठन इस बिल का विरोध कर रहे हैं। देशभर की बड़ी यूनिवर्सिटियों के छात्र भी इसके खिलाफ सड़कों पर हैं। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि धर्म के आधार पर कानून बनाना भारत के संविधान पर हमला है।












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