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चीनी कंपनी ने अपने ही कर्मचारियों और उनके परिवारों को लगा दिया टीका, वह भी अंतिम ट्रायल से पहले?

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नई दिल्ली। कोरोना वैक्सीन बनाने वाली एक प्रमुख चीनी कंपनी सिनोवैक ने बगैर तीसरा ट्रायल पूरा किए बिना ही विकसित कोरोना वैक्सीन को अपने 90 फीसदी कर्मचारियों और उनके परिवारों पर लगा दिया। सिनोवैक बायोटेक द्वारा विकसित यह वैक्सीन उन तीन चीन वैक्सीनों में से एक है, जिन्हें चीन ने सीमित या आपातकालीन उपयोग के लिए अधिकृत किया है। बड़ी बात यह है कि अभी तक सिनोवैक द्वारा विकसित वैक्सीन के अंतिम चरण का क्लीनिकल ​​परीक्षण बाकी है।

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    90 फीसदी कर्मचारियों और उनके परिवार को वैक्सीन की खुराक दी गई

    90 फीसदी कर्मचारियों और उनके परिवार को वैक्सीन की खुराक दी गई

    रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में सिनोवैक कंपनी के सीईओ के हवाले से लिखा गया है कि लगभग 90 फीसदी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को वैक्सीन की खुराक दी गई थी। सीईओ ने यह भी कहा कि लगभग 2,000 से 3,000 कर्मचारियों, और उनके परिवारों को स्वैच्छिक आधार पर टीका दिया गया था। हालांकि यह बिल्कुल स्पष्ट नहीं है कि कितने लोगों को टीका लगाया गया था।

    'कोरोनवाक' वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दी गई थी

    'कोरोनवाक' वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दी गई थी

    गौरतलब है कोरोनवाक नामक सिनोवैक वैक्सीन को जुलाई में आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दी गई थी, लेकिन अभी जाकर तीसरे चरण परीक्षण शुरू किया गया है, जो कि ब्राजील और इंडोनेशिया में आयोजित किया जा रहा है।

    चीनी कंपनी साइनोफार्मा और कैनसिनो बायोलॉजिक्स भी बना रहीं हैं टीका

    चीनी कंपनी साइनोफार्मा और कैनसिनो बायोलॉजिक्स भी बना रहीं हैं टीका

    दो अन्य वैक्सीन उम्मीदवारों, जिनमें से एक राज्य द्वारा संचालित साइनोफार्मा द्वारा विकसित किया जा रहा है, जबकि दूसरा कैनसिनो बायोलॉजिक्स द्वारा एकेडमी ऑफ मिलिट्री मेडिकल साइंसेज के सहयोग से निर्मित किया जा रहा है। इसे भी चीनी अधिकारियों द्वारा अनुमोदित किया जा चुका है। अभी तक इसकी भी जानकारी उपलब्ध नहीं है कि चीन में निर्मित अन्य टीकों का परीक्षण कितने लोगों पर किया गया है। चीन के शेष दो वैक्सीन कैंडीडेट भी तीसरे चरण के क्लीनिकल ​​परीक्षणों से नहीं गुजरे हैं, जो कि अभी शुरू हो रहे हैं।

    वर्तमान में 34 में से 8 टीके चीनी कंपनियों द्वारा विकसित किए जा रहे हैं

    वर्तमान में 34 में से 8 टीके चीनी कंपनियों द्वारा विकसित किए जा रहे हैं

    वर्तमान में क्लिीनिकल परीक्षणों के तहत आने वाले 34 टीकों में से 8 चीनी कंपनियों या संस्थानों द्वारा विकसित किए जा रहे हैं। अब तक दुनिया भर में 175 कोरोना वायरस वैक्सीन का काम युद्धरत पर चल रहा है, जिसमें कुछ पूर्व- क्लीनिकल ​​या क्लीनिकल ​​परीक्षणों में हैं।

    भारत में कम से कम 8 वैक्सीन कैंडीडेट विकसित किए जा रहे हैं

    भारत में कम से कम 8 वैक्सीन कैंडीडेट विकसित किए जा रहे हैं

    क्लीनिकल ​​परीक्षणों में 34 वैक्सीन शामिल हैं, जिनमें से 8 वैक्सीन अंतिम चरण यानी मानव परीक्षण में हैं। भारत में कम से कम 8 वैक्सीन कैंडीडेट विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से दो वैक्सीन ट्रायल का दूसरा चरण को पूरा करने के बाद दूसरे चरण में प्रवेश कर चुके हैं।

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    English summary
    Sinovac, a leading Chinese company that produces the Corona vaccine, applied the developed Corona vaccine to 90 percent of its employees and their families without completing a third trial. This vaccine developed by Synovac Biotech is one of the three China vaccines that China has authorized for limited or emergency use. The great thing is that clinical trials of the final vaccine developed by Synovac are yet to be done.
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