लद्दाख के इस इलाके में नया मोर्चा खोलने की तैयारी में चीन, सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा सैन्य कैंप और वाहन

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर भारत में रोष बढ़ता जा रहा है। मालूम हो कि बीते सोमवार की रात गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ हुए हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। इस घटना के बाद से भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ गया है, सीमा पर युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। इसी बीच ऐसी खबरें भी आ रही हैं कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) और डेपसांग सेक्टरों में नया मोर्चा खोल सकती है।

China military camps and vehicles shown in satellite photos preparation for opening new front in Ladakh

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबित चीनी सेना पूर्वी लद्दाख के कुछ नए हिस्सों में लामबंदी कर रही है। भारत के साथ तनाव के बीच जून महीने में चीनी बेस के पास पीएलए के कैंप और वाहन देखे गए हैं, रिपोर्ट्स के अनुसार चीन की ओर से ये बेस कैंप साल 2016 में बनाए गए थे। हाल ही में दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) और डेपसांग सेक्टरों के आस-पास की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि चीन ने अपने नए शिविर बनाएं हैं, साथ ही यहां वाहनों के लिए सड़क का भी निर्माण किया गया है। जमीनी ट्रैकिंग के जरिये भी इसकी पुष्टि हो चुकी है।

भारत ने इन इलाकों में चीनी सैनिकों की गतिविधि को मई महीने के अंत में ही भांप लिया था, तभी से भारत ने इन इलाकों में अपनी मौजूदगी पुख्ता कर ली थी। बता दें कि डेपसांग वह इलाका है जहां पर चीन की सेना ने 2013 में घुसपैठ की थी। बता दें कि यह वही क्षेत्र है जहां सोमवार की रात भारत और चीनी सैनिकों में हिंसक झड़प हुई थी। इस घटना में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे वहीं, कई चीनी सैनिकों की भी इस झड़प में जान गई है लेकिन चीन सरकार ने उनकी संख्या का खुलासा करने से इनकार कर दिया है।

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक चीन, भारत के साथ सीमा विवाद पर सैन्य स्तर की बातचीत के साथ-साथ एलएसी पर जोरो-शोरों से सैन्य निर्माण कर रहा है। इतनी ही नहीं चीनी सेना ने फिंगर क्षेत्र सहित सभी क्षेत्रों में निर्माण जारी रखा है, जहां उन्होंने अधिक सैन्य शक्ति के साथ खुद को मजबूत किया है। सूत्रों के मुताबिक चीनी सेना ने इन क्षेत्रों में 4 मई, 2020 से पहले ही निर्माणकार्य शुरू कर दिया था। पैंगोंग त्सो झील के आस-पास चीनी सैनिकों ने बड़े बंकर तैयार किए हैं और सैन्य गतिविधियों को तेज कर दिया है।

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