IAF ने जब हवा में मार गिराया चीन का जासूसी गुब्बारा, Rafale का इस्तेमाल, 5500 फीट ऊंचाई पर दिखी 'ताकत'
भारतीय वायु सेना ने हाल ही में पूर्वी मोर्चे पर 55,000 से अधिक फीट की ऊंचाई पर चीनी जासूसी गुब्बारे जैसे लक्ष्यों को मार गिराने की अपनी क्षमता साबित की है। इसको लेकर रक्षा सूत्रों के हवाले एक रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय वायु सेना ने कुछ महीने पहले पूर्वी वायु कमान की जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में एक जासूसी गुब्बारे प्रकार के लक्ष्य को मार गिराने के लिए राफेल लड़ाकू जेट का इस्तेमाल किया था। इससे पहले अमेरिका की वायुसेना ने भी एक ऐसा ही मिशन शुरू किया गया। जिसके तहत चीन जासूसी गुब्बारे को टारगेट किया गया। ये गुब्बारा आम गुब्बारे से आकार में छोटा था।
भारतीय वायुसेना बहुत ऊंचाई पर उड़ने वाले जासूसी गुब्बारों से निपटने के मुद्दे पर पिछले साल अमेरिकी वायु सेना के साथ की थी। दरअसल, इससे पहले अमेरिकी सरकार ने 2023 की शुरुआत में समुद्र के ऊपर एक चीनी जासूसी गुब्बारे को मार गिराने के लिए पांचवीं पीढ़ी के F-22 रैप्टर फाइटर जेट का इस्तेमाल किया था। हालांकि चीनी जासूसी गुब्बारे की तुलना में आकार में अपेक्षाकृत छोटे गुब्बारे का इस्तेमाल किया, जिसे अमेरिकी वायु सेना ने मार गिराया था।

भारतीय सेना के मुताबिक, हाल में टारगेट किया गया चीनी स्पाइ बैलूल कुछ पेलोड के साथ हवा में छोड़ा गया, जिसे 55,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर एक इन्वेंट्री मिसाइल का उपयोग करके इसे मार गिराया गया।
वर्तमान प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह वायु सेना के उप प्रमुख के रूप में समग्र संचालन के प्रभारी थे और वर्तमान उप प्रमुख एयर मार्शल एसपी धारकर पूर्वी एयर कमांडर थे। तत्कालीन महानिदेशक एयर ऑपरेशंस एयर मार्शल सूरत सिंह अब पूर्वी एयर कमांडर हैं। यह गुब्बारा भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह क्षेत्र में देखा गया था। दरअसल, गुब्बारों का उपयोग एक बड़े क्षेत्र पर निगरानी रखने के लिए किया जाता है। हालांकि कुछ देश इसका गलत इस्तेमार कर दूसरे देशों की जासूसी करते हैं। ऐसे में वायुसेना सतर्क रहती है।












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