अरुणाचल सीमा पर अतिक्रमण की नाकाम कोशिश के बाद चीन ने मांगी माफी, वे आगे ऐसी गलती नहीं करेंगे- इंडियन आर्मी
नई दिल्ली। डोकलाम के बाद हाल ही के दिनों में अरुणाचल प्रदेश सीमा पर भी भारत और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के बीच तनाव देखने को मिला है। अरुणाचल प्रदेश के तूतिंग में चीनी घुसपैठ सड़क निर्माण के घटनाओं को लेकर भारतीय ईस्टर्न कमांड के ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल अभय कृष्णा ने सोमवार को कहा हमारी सेना ने आक्रमक रवैया अपनाते हुए चीन की पीएलए को खदेड़ दिया था। उन्होंने कहा कि चीन की सरकार ने इसके लिए माफी भी मांगी है। पिछले साल दिसंबर के अंतिम सप्ताह में चीनी सेना ने अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर अतिक्रमण करने की कोशिश की थी।

चीन ने माफी मांगी
लेफ्टिनेंट जनरल अभय कृष्णा ने कहा कि हाल ही में सीमा पर बनी व्यवस्था और शांति को भंग होने के बाद, चीन के कुछ अधिकारी वहां पहुंचे थे, लेकिन उसके बाद उन्हें माफी मांगनी पड़ी है। लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा, 'हमने उन्हें कहा था कि यहां से भारत सीमा की स्टार्ट होती है और इससे आगे तुम नहीं जा सकते। हमने उनको यह भी कहा कि अगर तुम नहीं माने तो हमें एक्शन लेना पड़ेगा। हालांकि उसके अधिकारियों ने कहा कि समस्या कुछ लोगों की वजह से हो सकती है और अंत में उन्होंने हमसे माफी मांगी।'

बातचीत के बाद चीन के सामानों को लौटा
जनरल कृष्णा ने कहा कि हमारी सेना पूरी तरह से तैयार है। हमारे सैनिक तूतिंग में मौजूद थे। वे (चीनी सैनिक) उस इलाके से सामान छोड़कर भाग खड़े हुए। उम्मीद है कि चीन दोबारा ऐसी गलती नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि बातचीत के बाद हमने कब्जे में लिए चीन के सामानों को लौटा दिया। यह 28 दिसंबर की घटना है, जब चीन के कुछ लैबर सड़क निर्माण करते हुए दिखाई दिए थे। जिसके स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत की थी।

चीन से निपटने के लिए सेना तैयार
जनरल कृष्णा से जब पूछा गया कि क्या भारत इस प्रकार के खतरों से निपटने के लिए तैयार है, तो उन्होंने कहा, 'बिल्कुल हम तैयार है और किसी को भी सीमा के अंदर नहीं आने दिया जाएगा। अगर कोई कोशिश भी करेगा तो इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।' लेफ्टिनेंट जनरल कृष्णा ईस्टर्न कमांडर हैं, जो सीमा पर पूरी नजर बनाए हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना चीन के अतिक्रमण से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।












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