चिकनगुनिया ने किया दिल्ली को बीमार, 8 साल का टूटा रिकॉर्ड
नई दिल्ली। इस समय राजधानी में केवल बरखा के ही बादल नहीं बल्कि चिकनगुनिया वायरस के बादल छाये हुए हैं, आपको जानकर हैरत होगी कि दिल्ली में 8 साल बाद चिकनगुनिया ने अपना रिकॉर्ड तोड़ा है। दिल्ली की आधी से ज्यादा जनता इस वायरस की चपेट में है।
एम्स की ओर से जो जानकारी दी गई है उसके मुताबिक इस समय एम्स में हर हफ्ते 150 मरीजों के ब्लड सैंपल चिकनगुनिया के टेस्ट के लिए पहुंच रहे है। दिल्ली नगर निगम की सोमवार को जारी की गई साप्ताहिक रिपोर्ट में चिकुनगुनिया के अब तक कुल 432 मरीजों की पुष्टि की गई।
मालूम हो कि साल 2008 में दिल्ली में चिकनगुनिया के 1600 मरीज पाये गये थे, ये वायरस एक निश्चित अंतराल के बाद एक्टिव हो जाता है इस कारण ये दिल्ली में फिर से सक्रिय हो गया है।
क्या है चिकनगुनिया?
चिकनगुनिया एक वायरस है, जो कि एडिस मच्छर के काटने से होता है। जैसे ही वायरस बॉडी में प्रवेश करता है, इंसान बुखार, खांसी, जुकाम से ग्रसित हो जाता है। चिकनगुनिया बुखार में इंसान के जोड़ों में काफी दर्द होता है। शरीर पर लाल रंग के निशान भी बन जाते हैं।
जेपी नड्डा ने दिया आदेश
गौरतलब है कि दिल्ली- एनसीआर में चिकनगुनिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए हाल ही में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने नगर निगमों और दिल्ली सरकार के अधिकारियों से इस रोग के प्रति लोगों को जागरूक करने का आदेश दिया था ताकि इस स्थिति से पूरी मुस्तैदी के साथ निपटा जा सके।













Click it and Unblock the Notifications