संसद परिसर में 'चिकन तंदूरी' खाने पर ठन गई! भाजपा-विपक्ष में जुबानी भिड़ंत, जानिए क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली, 28 जुलाई: संसद का मानसून सत्र खूब हंगामें दार चल रहा है। पिछले कई दिनों से संसद के दोनों सदनों में अशोभनीय आचरण की वजह से आसन ने लगभग दो दर्जन विपक्षी सांसदों को सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया है। ये विपक्षी सांसद इस कार्रवाई के खिलाफ संसद परिसर में ही मौजूद गांधी प्रतिमा के सामने बारी-बारी से धरना दे रहे हैं। लेकिन, अब नया विवाद इसपर छिड़ा है कि इन विपक्षी सांसदों ने गांधी मूर्ति के सामने चिकन तंदूरी खाकर उनका अपमान किया है। बीजेपी इस मुद्दे को लेकर विपक्ष पर हमलावर है। जबकि, विपक्ष की ओर से टीएमसी की सांसद ने इन आरोपों को झूठा करार दिया है।

गांधी प्रतिमा के सामने चिकन तंदूरी! भड़की बीजेपी

गांधी प्रतिमा के सामने चिकन तंदूरी! भड़की बीजेपी

संसद भवन परिसर में गांधी मूर्ति परिसर के सामने दोनों सदनों से निलंबित करीब दो दर्जन विपक्षी सांसदों के 50 घंटे का रिले धरना भी विवादों में घिर गया है। उनके खाने के मेन्यू में चिकन तंदूरी शामिल होने को लेकर जो मीडिया रिपोर्ट आई है, उसके बाद भाजपा ने विपक्ष पर हमला बोल दिया है। पार्टी नेता शहजाद पूनावाला ने कहा है, 'मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक संसद में गांधी मूर्ति के सामने प्रदर्शन कर रहे कुछ निलंबित सांसदों ने 'तंदूरी चिकन' खाया है। सभी जानते हैं कि गांधीजी पशुओं के वध पर कट्टर विरोधी विचार रखते थे। कई लोगों का पूछना है कि यह विरोध था या तमाशा और पिकनिक?'

यह झूठ है- टीएमसी सांसद

यह झूठ है- टीएमसी सांसद

निलंबित सांसदों में से एक टीएमसी की सुष्मिता देव ने इन आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा, 'यह झूठ है। महंगाई के चलते सरकार के नेता और मंत्री विचलित हो गए हैं। उनके पास कोई जवाब नहीं है, इसलिए यह प्रोपेगेंडा कर रहे हैं। आरएसएस के लोग और मंत्री बंद दरवाजों के अंदर सबकुछ खाते हैं। इसलिए हमारे खाने पर टिप्पणी ना करें।' उन्होंने यह भी कहा कि 'वे ये भी बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं कि खाना हमारे घर से नहीं मंगाया गया था, बल्कि दूसरे सांसदों के यहां से आया था। वे इस एकजुटता से डरते हैं। हम जानते हैं कि बीजेपी-आरएसएस बाहर क्या कहते हैं और अकेले में क्या खाते हैं।'

मीडिया में आई थी चिकन तंदूरी परोसे जाने की रिपोर्ट

मीडिया में आई थी चिकन तंदूरी परोसे जाने की रिपोर्ट

इससे पहले मीडिया रिपोर्ट आई थी कि बुधवार को ब्रेकफास्ट का आयोजन डीएमके सांसद तिरुचि सिवा ने किया था, जिसमें प्रदर्शनकारी विपक्षी सांसदों को इडली-सांभर परोसा गया था। लंच का इंतजाम भी डीएमके के की ओर से ही किया गया था। जबकि, डिनर का इंतजाम तृणमूल कांग्रेस ने किया था। डिनर के मेन्यू में रोटी, दाल, पनीर और चिकन तंदूरी का इंतजाम था। जबकि मीठे में डीएमके नेता कणिमोझी ने इस सीजन में भी सांसदों के लिए गाजर का हलवा मंगवाया था। टीएमसी की ओर से सांसदों की सेवा में फल भी मंगवाए गए थे।

विपक्षी दलों की ओर से परोसा जा रहा है खाना

विपक्षी दलों की ओर से परोसा जा रहा है खाना

गुरुवार को लंच का इंतजाम तेलंगाना राष्ट्र समिति की ओर से किया जाना था और डिनर का इंतजाम आम आदमी पार्टी ने अपने ऊपर लिया था। आम आदमी पार्टी को प्रदर्शनकारी सांसदों के लिए टेंट लगाने की भी जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन संसद परिसर में निर्माण का नियम न होने की वजह से इसकी अनुमति नहीं मिल पाई। कुल मिलाकर सांसदों के लिए क्षेत्रीय व्यंजनों का इंतजाम किया जा रहा है, लेकिन इसमें चिकन तंदूरी परोसे जाने की बात पर बवाल खड़ा हो गया है, जिसे टीएमसी की नेता की ओर से नकारे जाने की कोशिश की जा रही है।

गुरुवार को भी राज्यसभा से निलंबित हुए तीन सांसद

गुरुवार को भी राज्यसभा से निलंबित हुए तीन सांसद

सोमवार और मंगलवार को जिन सांसदों को सदन से निलंबित किया गया, उनमें 7 टीएमसी से, 6 डीएमके से, 3 टीआरएस से, 2 सीपीएम से और एक-एक सीपीआई और आम आदमी पार्टी के सांसद हैं। जबकि, गुरुवार को भी राज्यसभा के तीन सांसदों को सदन में अशोभनीय आचरण के लिए निलंबित किया गया है। ये सांसद हैं आम आदमी पार्टी के सुशील कुमार गुप्ता और संदीप पाठक और निर्दलीय सांसद अजीत कुमार भुइयां।

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