Chhattisgarh Power Plant Blast: मरने वालों का आंकड़ा हुआ 19, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
Chhattisgarh Vedanta Power Plant Boiler Blast: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए भयानक बॉयलर विस्फोट हादसे में मरने वालों की संख्या हो गई है। बुधवार को पुलिस ने जानकारी दी कि इस हादसे में 10 और श्रमिकों की मौत हुई है। यह घटना वेदांता लिमिटेड के सिंघीतराई स्थित बिजली संयंत्र में मंगलवार दोपहर को हुई थी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को हुए इस धमाके में शुरू में नौ श्रमिक मारे गए थे और 15 से अधिक घायल हुए थे। वहीं बुधवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि कुल 36 श्रमिक इस घटना से प्रभावित हुए जिसमें 19 की मौत हो गई है और 17 घायल श्रमिकों का इलाज रायपुर और रायगढ़ के अस्पतालों में चल रहा है।

मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये का मुआवजा
जिला प्रशासन और प्लांट प्रबंधन की बैठक के बाद पीड़ितों के लिए मुआवजे का ऐलान किया गया है। निर्णय के अनुसार, मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की भी घोषणा की गई है। वहीं, सभी घायलों के इलाज का पूरा खर्च वेदांता प्लांट प्रबंधन द्वारा वहन किया जाएगा।
मजिस्ट्रियल जांच के दिए गए आदेश
सक्ती कलेक्टर ने बताया कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और घायलों के बेहतर इलाज के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि हादसा कैसे हुआ, उस समय कौन-कौन से मजदूर कार्यरत थे, और दुर्घटना के पीछे तकनीकी खराबी या मानवीय त्रुटि क्या कारण रही।
कहीं लापरवाही के कारण तो नहीं हुआ ये भीषण हादसा
कलेक्टर ने बताया कि यह दुर्घटना बॉयलर यूनिट-1 में बॉयलर की भाप पाइप के जल आपूर्ति पाइपलाइन जॉइंट में तकनीकी खराबी के कारण हुई थी। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के निरीक्षणों की भी समीक्षा की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई।
कांग्रेस ने जांच के लिए गठित की टीम
इस हादसे को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की है, जो पीड़ित परिवारों और मजदूरों से मिलकर विस्तृत जानकारी जुटाएगी।
मृतकों की लिस्ट
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों में रितेश कुमार (बिहार), अमृत लाल पटेल (छत्तीसगढ़), तरुण कुमार ओझा (झारखंड), आकिब खान (बिहार), सुशांत जना (पश्चिम बंगाल), अब्दुल करीम (झारखंड), उधब सिंह यादव (छत्तीसगढ़), शेख सैफुद्दीन (पश्चिम बंगाल), पप्पू कुमार (उत्तर प्रदेश), अशोक परहिया (झारखंड), मानस गिरी (पश्चिम बंगाल), ब्रजेश कुमार (उत्तर प्रदेश), रामेश्वर महिलांगे (जांजगीर-चांपा), कार्तिक महतो (पश्चिम बंगाल), नदीम अंसारी (सक्ती), शिवनाथ मुर्मू (पश्चिम बंगाल) और ठंडा राम लहरे (सक्ती) शामिल हैं।














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