छत्तीसगढ़: CM भूपेश बघेल का आरोप- कोरोना की दूसरी लहर पर मोदी सरकार ने सलाह और गाइडलाइन भी नहीं दी
छत्तीसगढ़: CM भूपेश बघेल का आरोप- कोरोना की दूसरी लहर पर मोदी सरकार ने सलाह और गाइडलाइन भी नहीं दी
नई दिल्ली, 20 अप्रैल: कोरोना वायरस की दूसरी लहर को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की है। सीएम भूपेश बघेल ने कहा है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर को लेकर केंद्र की मोदी सरकार द्वारा सलाह और गाइडलाइन भी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि पूरे साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना पर बातें की हैं लेकिन किया कुछ नहीं। उन्होंने आरोप लगाया है कि कोरोना की सेकेंड वेव को लेकर राज्यों को पहले से ही सलाह क्यों नहीं दी गई और राज्यों को इस बारे में क्यों नहीं बताया गया। सीएम भूपेश बघेल ने रेमेडिसविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन की कमी को लेकर भी केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।

इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में सीएम भूपेश ने कोरोना की मौजूदा स्थिति पर बात की है। उसी दौरान सीएम बघेल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। '' क्या केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों ही कोरोना की दूसरी लहर का अनुमान नहीं लगा सकते थे? इस सवाल के जवाब में सीएम भूपेश बघेल ने कहा, '' यह केंद्र सरकार की गलती है। मैं अन्य राज्यों को देखता हूं कि आखिर वहां क्या हो रहा है। लेकिन भारत सरकार के पास एक बड़ा सहूलियत है। वे ये देखते हैं कि विश्व स्तर पर कोरोना को लेकर क्या हो रहा है। इसलिए भारत सरकार को उन देशों पर ध्यान देना चाहिए जो दूसरी लहर की चपेट में थे और उन्होंने किन-किन समस्याओं का सामना किया, संक्रमण के लक्षण क्या हैं, इलाज के तरीके क्या हैं, इसके बाद मोदी सरकार को हमें जागरूक करना चाहिए था। हमें सलाह देनी चाहिए थी...लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है।''
सीएम भूपेश बघेल ने कहा, ''भारत सरकार खुद रेमेडिसविर इंजेक्शन का निर्यात कर रही है, 6.5 करोड़ कोरोना वैक्सीन निर्यात कर रही है, क्या यह उचित है। सरकार को पहले इन विदेश भेजे गए वैक्सीन और रेमेडिसविर इंजेक्शन का पहले खुद इस्तेमाल करना चाहिए था या स्टॉक करके रखना चाहिए था। आप अपने घर का प्रबंधन करने में सक्षम नहीं हैं तो दूसरों की मदद कैसे कर सकते हैं।''
सीएम भूपेश बघेल बोले, ''केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कल (सोमवार, 19 अप्रैल) कहा कि राज्य सरकारें मेडिकल ऑक्सीजन की मांग जारी रख सकती है, लेकिन उतना ही मांगे जितना आपूर्ति पक्ष प्रबंध कर सकता है। भारत सरकार ने कोरोना वायरस की दूसरी लहर को लेकर सलाह भी नहीं दे सकती थी, दूसरी लहर के लिए एक गाइडलाइन भी जारी नहीं किया गया। मैं छत्तीसगढ़ में बैठे यूरोप को नहीं देख सकता। मेरे पास उस तरह की पहुंच नहीं है, लेकिन भारत सरकार के पास है... प्रधानमंत्री ने हमें दूसरे देशों के उदाहरण दिए, जब वहां कोरोना पीक पर था, लेकिन वो कैसे व्यर्थ चला गया। हम पूरे साल उनके व्याख्यान सुनते रहे। लेकिन उन्होंने हमें कोरोना की दूसरी लहर के बारे में क्यों नहीं बताया।''












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