Chhapaak: रंगोली ने बयां किया दर्द, कहा- एक आंख और एक ब्रेस्ट पूरी तरह से खराब है मेरा

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म 'छपाक' को लेकर चर्चित हैं, मेघना गुलजार के निर्देशन में बनी ये फिल्म एक एसिड पीड़िता लक्ष्मी अग्रवाल की कहानी है, जिसे किसी की नफरत का शिकार होना पड़ा था, इस फिल्म ने मशहूर अभिनेत्री कंगना की बड़ी बहन रंगोली के दर्द को भी सामने ला दिया है, जो कि एसिड की जलन को साल 2006 में झेल चुकी हैं।

एसिड शरीर की आत्मा को भी जला देता है: रंगोली

एसिड शरीर की आत्मा को भी जला देता है: रंगोली

कुछ वक्त पहले डीएनए को दिए गए एक इंटरव्यू में रंगोली ने उस दर्द के बारे में बताया था, जिसे सुनकर हर किसी की रूह कांप गई थी, रंगोली ने कहा था एसिड अटैक एक नार्मल एक्सीडेंट नहीं होता है, इस अटैक के बाद उन्होंने जो झेला है वो भगवान किसी दुश्मन को भी ना झेलाएं, एसिड का दर्द केवल शरीर पर ही नहीं बल्कि आत्मा पर भी होता है।

'मेरी एक आंख और एक ब्रेस्ट पूरी तरह से खराब'

'मेरी एक आंख और एक ब्रेस्ट पूरी तरह से खराब'

रंगोली ने कहा था एसिड अटैक की वजह से उनकी एक आंख की नंबे प्रतिशत रोशनी जा चुकी है और उनका एक ब्रेस्ट भी खराब हो चुका है, रंगोली ने कहा था एसिड की वजह से उनकी शरीर की नसें तक प्रभावित हुई थीं, जिसकी वजह से उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत होती थी, उन्हें 57 सर्जरी से गुजरना पड़ा था।

'प्लास्टिक सर्जरी कोई वरदान नहीं'

'प्लास्टिक सर्जरी कोई वरदान नहीं'

ये तो केवल शारीरिक कष्ट था लेकिन जब वो अपनी इस हालत और अपने मां-बाप की ओर देखती थीं तो उन्हें खुद से नफरत होती थी, रंगोली ने कहा था कि प्लास्टिक सर्जरी कोई वरदान नहीं है, जो आपको नया रूप दे देगी, इसमें आपकी जांघों की स्किन को ही आपके बर्निंग प्लेस पर लगाया जाता है, वो दर्द असहनीय था।

'खुद से नफरत हो गई थी, कई महीनों तक आईना नहीं देखा था'

रंगोली ने कहा था कि इस हादसे के बाद उन्होंने कई महीनों तक आईना ही नहीं देखा था, उन्हें खुद से डर लगने लगा था, ये वो दौर था जिसे वो कभी चाहकर भी भूल नहीं सकती हैं, उस वक्त कंगना का संघर्ष चल रहा था, हमने उस वक्त मानसिक, शारीरिक और आर्थिक हर तरह का प्रेशर झेला था।

रंगोली ने देश की लड़कियों से की थी ये अपील

रंगोली ने देश की लड़कियों से की थी ये अपील

रंगोली ने देश की लड़कियों से अपील की थी वो अपनी हर बात मां-बाप से शेयर करें, ये उन्हें मजबूती देगा और अपने खिलाफ होने वाली हर गंदी हरकत के खिलाफ वो आवाज उठाएं, वो कमजोर नहीं हैं, ये उन्हें हमेशा याद रखना चाहिए।

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