VIDEO: 'सायरन बजते ही किसी से कोई बात नहीं, हम रो रहे थे', ट्विन टावर ध्वस्त करने को बटन दबाने वाले की जुबानी
आखिरकार सुपरटेक ट्विन टावर को रविवार को गिरा दिया गया। नौ साल की लंबी लड़ाई के बाद आज गगनचुंबी इमारतों को आज ढहा दिया। यह विध्वंस भारत के इतिहास में दर्ज हो गया।
नोएडा, 28 अगस्त : आखिरकार सुपरटेक ट्विन टावर को रविवार को गिरा दिया गया। नौ साल की लंबी लड़ाई के बाद आज गगनचुंबी इमारतों को आज ढहा दिया। यह विध्वंस भारत के इतिहास में दर्ज हो गया। इमारतों को गिराने के लिए 3700 किलो विस्फोटक इस्तेमाल किया गया। एडिफिस इंजीनियरिंग के अधिकारी चेतन दत्ता ने टावरों को ध्वस्त करने वाला बटन दबाया। संवाददाताओं से कहा कि विध्वंस पूरी तरह सफल रहा।
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9-10 सेकेंड में जमींदोज
ट्विन टावर गिरने के बाद चेतन दत्ता ने कहा कि वह विस्फोट के चार अन्य अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर गए और रोने लगे। कहा कि पूरी बिल्डिंग को गिराने में 9-10 सेकेंड का समय लगा। मेरी टीम में 10 लोग थे, 7 विदेशी विशेषज्ञ और 20-25 लोग एडिफिस इंजीनियरिंग से थे।

ध्वस्त होते ही मौके पर पहुंचे
दत्ता ने कहा कि विध्वंस के लिए वार्निंग सायरन बजने के बाद उन्होंने और उनकी टीम के सदस्यों ने एक दूसरे से एक शब्द भी नहीं कहा। उन्होंने कहा कि मैंने बटन दबाने के ठीक बाद जब ट्विन टावर ध्वस्त हो गया तो अपने टीम के साथ एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज के पास के हाउसिंग सोसाइटियों की जांच के लिए मौके पर पहुंचे।

100 प्रतिशत विध्वंस
दत्ता ने कहा कि यही योजना के तहत ध्वस्त किया गया, जिससे वह 100 प्रतिशत सफल रहा। उन्होंने कहा कि पास के ऊंचे भवनों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि उन्होंने एटीएस गांव की एक परिसर की दीवार के बारे में बताया जिसमें मामूली दरार आ गई थी।

हटाया जा रहा है मलबा
दत्ता ने आगे कहा कि वह और उनकी टीम दो टावरों से केवल 70 मीटर दूर थे जब विध्वंस हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्र में प्रोफेशनल होने के नाते ऐसी घटनाओं के दौरान इतने करीब रहने के आदी हैं।विध्वंस के बाद पूरा इलाका धूल और मलबे के पहाड़ से भर गया। हवा को साफ करने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है। मलबे की सफाई भी शुरू हो गई है।

साढ़े बजे फ्लैट में जा सकेंगे लोग
नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने कहा कि एमराल्ड कोर्ट और एटीएस गांवों के निवासियों को शाम 6.30 बजे के बाद अपने घरों में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी। विध्वंस से एक दिन पहले लगभग 5000 निवासियों को खाली कर दिया गया था।
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