जोमैटो को बड़ा झटका, साफ-सफाई न रखने पर चेन्नई निगम ने काटा 1 लाख रुपये का चालान
नई दिल्ली। ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो पर ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के सेनेटरी विभाग ने 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जोमैटो पर यह जुर्माना अपने चेन्नई स्थित ऑफिस में साफ-सफाई और मच्छरों को पनपने के लिए बेहतर वातावरण देने के लिए लगाया गया है। जोमैटो दफ्तर में अचानक हुए इस निरीक्षण में जांच टीम को छत पर पड़े फूड बैग मिले जिसमें बारिश का रुका हुआ पानी जमा था। जिसमें खतरनाक बिमारी फैलाने वाले डेंगू मच्छर आसानी से पैदा हो सकता है।

जोमैटो पर आरोप है कि उसने अपने चेन्नई के चेटपेट में स्थित अपने ऑफिस में साफ-सफाई को नजर अंदाज किया और गंदगी जमा कर के रखा है। जांच टीम ने ऑफिस के छत पर फूड बैग का ढेर पाया जिसमें बारिश का पानी रुका हुआ था। ऐसे ठहरा हुआ पानी डेंगू मच्छरों के पैदा होने को लिए अनुकूल होता है। बता दें, राज्य सेनेटरी विभाग ने मच्छरों के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है। जोमैटो ने भी जुर्माने की बात को कबूल किया है, साथ ही वह 23 अक्टूबर को डिमांड ड्राफ्ट के जरिए 1 लाख रुपये जुर्माने की राशी जमा करा देगा।
जोमैटो का बायोडी एनर्जी से सहयोग
बचे हुए खाद्य तेल को बायो डीजल बनाने वाली कंपनी बायोडी और जोमैटो ने साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है। खाने के तेल की बर्बादी को रोकने और उसे फिर से उपयोग में लाने के लिए यह महत्वपूर्ण पहल एफएसएसएआई के नियम को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। बता दें एफएसएसएआई के नियमों के अनुसार रोजाना 52 लीटर से ज्यादा खाद्य तेल उपयोग करने वाले फूड बिजनेस ऑपरेटरों को खाद्य तेल को अधिकतम 3 बार उपयोग करने को अनिवार्य बना दिया है।
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बायोडी और जोमैटो की साझेदारी के बाद रेस्टोरेंट से उपयोग किया गया तेल इकट्ठा कर के बायोडि उसे अपने हरियाणा स्थित प्लांट में बायो डीजल के रूप में बदलेगा। दोनों कंपनियों ने मार्च 2020 तक हर महीने 1000 मैट्रिक टन तेल प्रोसेस करने का लक्ष्य रखा है।












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