मिशन चंद्रयान-3 का फाइनल स्टेज, अब जानिए अगले 3 दिन क्या सब होगा
Chandrayaan-3 landing news in Hindi: देश में चंद्रयान-3 मिशन की सफलता को लेकर लोगों के बीच काफी उत्सुकता बनी हुई है। यह उत्सुकता इसलिए बनी हुई है क्योंकि चंद्रयान-3 मिशन आए दिन सफलता का कदम चूम रहा है। अब बस तीन से चार दिन बचे हैं जब चंद्रयान-3 चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर जाएगा। इससे पहले इस मिशन को एक और सफलता तब मिली जब बीते गुरुवार को दोपहर 1 बजकर 8 मिनट पर चंद्रयान-3 का प्रोपल्शन और लैंडर मॉड्यूल अलग-अलग हो गया। यानी अब चंद्रयान-3 मिशन अपने फाइनल स्टेज में लगभग पहुंच चुका है। तो चलिए आज हम बताएंगे कि अगले 3 दिन में क्या होने वाला है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक चंद्रयान-3 अब महत्वपूर्ण पड़ाव में पहुंचने वाला है। क्योंकि 17 अगस्त को जो प्रक्रिया हुई वह काफी अहम थी। अब महत्वपूर्ण भूमिका लैंडर की होगी, क्योंकि अब यही चांद के करीब जाएगा।धीरे-धीरे इसे कमांड दी जाएगी जिसके बाद 23 अगस्त को लैंडिंग की तैयारी रखनी होगी।

अगले 3 दिन चंद्रयान-3 में ये प्रक्रिया होगा
गुरुवार को चंद्रयान-3 के प्रोपल्शन और लैंडर मॉड्यूल अलग हो गए। अब विक्रम लैंडर चांद के बिल्कुल करीब है, कहें तो मात्र 150 किलोमीटर की कक्षा में है। 18 अगस्त की शाम 4 बजे थ्रस्टर्स के जरिए विक्रम लैंडर अपनी गति को धीमा करने और चांद की निचली कक्षा में प्रवेश करने की कोशिश करेगा। यह प्रक्रिया अलग-अलग हिस्सों में 18 से 20 अगस्त को होगी, पहले ये 100 किमी. की कक्षा में जाएगा और फिर चांद की 30 किमी. की कक्षा में जाएगा, इसके बाद ही लैंडिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी जो 23 अगस्त को खत्म होगी।
चंद्रयान-3 ने अंतरिक्ष से चंद्रमा और पृथ्वी की तस्वीर भेजी थी
दरअसल, इसरो ने कुछ दिन पहले लैंडर द्वारा खींची गई पृथ्वी और चंद्रमा की तस्वीरें भी साझा की थी। बता दें कि चंद्रयान-3 जब अंतरिक्ष में पहुंचा तब उसके लैंडर पर लगे लैंडर इमेजर (एलआई) कैमरे (Lander Imager - LI) ने धरती की तस्वीर ली थी। चंद्रयान-3 ने यह फोटो चंद्रमा की तीसरी ऑर्बिट में पहुंचने के एक दिन बाद लैंडर हॉरिजोंटल विलोसिटी (LHVC) कैमरे से ली है।
35 दिन की यात्रा पूरी हो गई
चंद्रयान-3 मिशन पिछले महीने 14 जुलाई को लॉन्च हुआ था, करीब 35 दिन की यात्रा के बाद अब यह चांद के करीब पहुंच चुका है। भारत ने साल 2019 में चंद्रयान-2 मिशन लॉन्च किया था, जिसके सॉफ्ट लैंडिंग से ठीक पहले सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी आ गई थी और मिशन अधूरा रह गया था। अब उसी मिशन को पूरा करना है, चंद्रयान-3 का काम चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करना, फिर वहां पर पानी, पर्यावरण, ऑक्सीजन हर चीज का पता करना है।












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