जुलाई के अंत में फिर होगी चंद्रयान-2 को लॉन्च करने की कोशिश!
श्रीहरिकोटा। जुलाई माह के अंत में चंद्रयान-2 को लॉन्च करने का दूसरा प्रयास हो सकता है। इंग्लिश डेली हिन्दुस्तान टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। 15 जुलाई को चंद्रयान-2 को लॉन्च किया जाना था लेकिन इसमें आई तकनीकी खामी की वजह से लॉन्च को आखिरी मौके पर टालना पड़ गया। इसरो में इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रहे लोगों की मानें तो इसमें आए टेक्निकल इश्यू को लॉन्च व्हीकल को डि-एसेंबल किए बिना ठीक किया जा सकता है।

इसरो ने बचा लिए 1,000 करोड़ रुपए
बताया जा रहा है कि इस खामी का पता लगने से इसरो के 978 करोड़ रुपए बच गए। जीएसएलवी मार्क III रॉकेट के हीलियम फ्यूल कंपानेंट में लीक पाया गया था। अपना नाम न बताने की शर्त पर साइंटिस्ट ने बताया कि हीलियम भरने के बाद प्रेशर गिरने लगा और हमें इस बात की इशारा मिला कि शायद लीक हो रहा है। इसरो के एक अधिकारी की मानें तो समय से इस समस्या का पता लग गया और यह काफी अच्छी बात रही। उन्होंने कहा कि यह इसरो का गुडलक था कि मिशन ऑटोमैटिक लॉन्च क्रम में नहीं पहुंचा था वरना सबकुछ खो जाता। इंग्लिश डेली हिन्दुस्तान टाइम्स ने लिखा है कि लीक को ठीक करने के लिए साइंटिस्ट जी-जान से जुटे हैं ताकि जुलाई के अंत में चंद्रयान 2 को लॉन्च करने की नई तारीख बताई जा सके। विशेषज्ञों की मानें तो अगर लॉन्च अगले 48 घंटों के अंदर नहीं हुआ तो फिर इसे कुछ माह के लिए टालना पड़ सकता है।












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