चंद्रयान-2 फेलियर नहीं बल्कि... आखिर कैसे 'चंद्रयान 3' को सफल बनाने में 2019 के मून मिशन ने निभाई अहम भूमिका?
Chandrayaan 2 Role: 'चंद्रयान 3' की लैंडिंग के बाद देशभर में खुशी का माहौल है। हो भी क्यों ना... भारत ने चांद के साउथ पोल में लैंड करने वाला पहला देश बनकर दुनियाभर में अपना लोहा जो मनवाया है। 'चंद्रयान 3' की लैंडिग के वक्त लोगों को 'चंद्रयान 2' की याद आ गई, जो साल 2019 में भारत द्वारा चांद पर भेजा गया था। वैसे तो ये मिशन कामयाब नहीं हो सका था लेकिन वैज्ञानिक इसे 80 प्रतिशत तक कामयाब मानते हैं। ऐसा क्यों? चलिये इस बात को समझते हैं।
छोटी सी गलती से हुए विफल
चंद्रयान 2 में एक छोटी सी गलती की वजह से साल 2019 में हम चांद पर सफल लैंडिंग की सफलता को हासिल नहीं कर सके थे। अगर तब ये मुकाम हासिल हो जाता, तो हम दुनिया के पहले ऐसे देश चार साल पहले ही बन चुके होते, जिसने चंद्रमा के साउथ पोल पर सफल लैंडिंग कराई है।

क्या बोले के सिवन?
इस संबंध में न्यूज एजेंसी से इसरो के पूर्व अध्यक्ष के सिवन ने कहा कि मैंने चंद्रयान 2 की लैंडिग के दिन और बुधवार के दिन की तुलना की। तो निश्चित तौरपर चंद्रमा पर जाने और दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने का मेरा सपना कल सच हो गया। इसलिए मैं बेहद खुश हूं। कल ये सॉफ्ल लैंडिंग सफलतापूर्वक पूरी हुई।
2019 में क्या हुआ?
बताते चलें कि अभी की तरह ही साल 2019 में भी एक रोबोटनुमा गाड़ी को चांद की सतह पर खोजबीन करने के लिए बनाया गया था। अगस्त 2019 में ये मिशन धरती से चांद की सतह पर लैंड होने के लिए निकला था। लेकिन इसका विक्रम लैंडर लैंडिग के वक्त ही क्रैश हो गया था। ऐसे में ये सफल तो नहीं हुआ लेकिन इसने चंद्रयान 3 की कामयाबी में काफी बड़ा योगदान दिया है। वैज्ञानिक मानते हैं कि चंद्रयान-2 80 प्रतिशत तक सफल रहा था।
पिछले मून मिशन के साथ क्या हुआ
- तीन मिनट पहले रास्ते से भटक गया था।
- लैंडर को 55 डिग्री पर घूमना था लेकिन ये 410 डिग्री पर घूमा और फिर चांद से जा टकराया।
- निर्णायक मोड़ पर नियंत्रण खो बैठा और क्रैश हो गया।
कैसे अहम है चंद्रयान2?
चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर पिछले चार सालों से चंद्रमा के चारों ओर घूम रहा है। चंद्रयान-2 ऑर्बिटर ने पहले ही चंद्रयान-3 की लैंडिंग के लिए सुरक्षित स्थान की पहचान करके मिशन में बेहद अहम भूमिका निभाई है। इतना ही नहीं, ये आगे भी नए लैंडर और ग्राउंड स्टेशन के बीच संचार बनाए रखने में अपनी अहम भूमिका निभाना जारी रखेगा।
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