चंद्रयान-2 पर शुरू हुई राजनीति, कांग्रेस के बयान पर बीजेपी का तीखा पलटवार
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चंद्रयान-2 की सफलता का श्रेय नेहरू और मनमोहन को
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, यह भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के उस दूरदर्शी कदम को याद करने का समय है, जिसके माध्यम से 1962 में अंतरिक्ष अनुसंधान की नींव पड़ी थी, जिसने बाद में इसरो के रूप में आकार लिया। विपक्षी पार्टी ने कहा, डॉक्टर मनमोहन सिंह की ओर से 2008 में चंद्रयान-2 को स्वीकृति देने को भी याद किया जाना चाहिए।
बीजेपी ने लगाया राजनीति का आऱोप
इस पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, यह बहुद दुखद है। यह हर भारतीय के लिए गौरव का क्षण है और इसे राजनीति दायरे में नहीं लाना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ''जब भविष्य में कोई नेतृत्व नहीं दिखाई देता तो अपने आप को प्रासंगिक रखने के लिए अतीत में झांकने का चलन है। दुखद है कि कांग्रेस के साथ यही हो रहा है। चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा, 'भारत की अंतरिक्ष यात्रा पंडित नेहरू के साथ आरंभ हुई और करिश्माई नेता इंदिरा गांधी के नेतृत्व में आर्यभट्ट प्रक्षेपण के साथ 1975 में इसे गति मिली। चंद्रयान (2008) और मंगलयान (2013) सहित इसरो की कई उपलब्धियां हैं।
पीएम मोदी ने इसरो को दी बधाई
चंद्रयान के सफल प्रक्षेपण के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि, अपने गौरवमय इतिहास में भारत ने कुछ शानदार पल और जोड़े। चंद्रयान 2 की लॉन्चिंग हमारे वैज्ञानिकों की ताकत और 130 करोड़ भारतीयों के दृढ़ निश्चय को दिखाती है। चंद्रयान 2 पूर्णत: स्वदेशी है। उन्होंने लिखा, चंद्रयान 2 की जो बात भारतीयों को और ज्यादा उत्साहित करती है वह यह कि यह पूर्णत स्वदेशी है। इसके अंदर एक ऑर्बिटर, एक लैंडर और एक रोवर है जो चांद की समीक्षा करेंगे।












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