15 दिन बाद मिल सकता है पुराने नोटों को बदलने का एक और मौका
15 दिन बाद मिल सकता है पुराने नोटों को बदलने का एक और मौका
नई दिल्ली। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और रिजर्व बैंक से नोटबंदी के दौरान किसी मजबूरी के चलते 500 और 1000 के पुराने नोट जमा न करा पाए लोगों को एक और मौका दिए जाने की बाबत सवाल पूछा है। इस संबंध में दायर की गई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि किसी उचित वजह से अपने पुराने नोट नहीं बदल पाए लोगों को एक और मौका क्यों नहीं मिलना चाहिए।

केंद्र सरकार की पैरोकारी कर रहे सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार से कहा कि वे इस बारे में सरकार से निर्देश लेकर कोर्ट को सूचित करें। रंजीत कुमार ने कहा कि वह 10 दिन में निर्देश लेकर कोर्ट को सूचित करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक मामले को परिस्थितियों के हिसाब से देख सकती है लेकिन इस बारे में कोई एक समान आदेश नहीं जारी किया जाना चाहिए। मामले की सुनवाई अब 18 जुलाई को होगी और पुराने नोटों को बदलने के लिए मौका दिए जाने पर फैसला होगा।
अदालत ने पूछा, स्पेशल विंडो क्यों नहीं?
अदालत ने केंद्र से कहा कि यह 2 सप्ताह में सूचित करे कि पुराने नोटों का आदान-प्रदान करने के लिए नई विंडो खोली जा सकती है? अदालत ने कहा, 'आपने उन्हें एक विंडो का वादा किया था, अब आप उससे पीछे नहीं जा सकते। केंद्र ने कहा कि वो 18 जुलाई को इस आशय के हलफनामा दर्ज करेगा।' अदालत ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति यह साबित कर सकता है कि पैसा उसका था और 31 दिसंबर से पहले धन जमा करने में कठिनाई थी, तो दूसरा मौका दिया जाना चाहिए। आप इस तरह बर्बाद होने के लिए किसी व्यक्ति के वास्तविक पैसे को बर्बाद नहीं कर सकते।












Click it and Unblock the Notifications