चैतन्य बघेल क्या करते हैं, कितने अमीर? पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे को न्यायिक हिरासत में भेजा गया
Chaitanya Baghel judicial custody extended: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन्हें कथित शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोर्ट से उनकी न्यायिक हिरासत मांगी थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
ईडी के वकील सौरभ पांडे ने बताया, "चल रहे शराब घोटाले में हमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की कुछ भूमिका मिली, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।" पांडे ने आगे कहा कि उनकी पांच दिन की पुलिस रिमांड आज पूरी हो गई थी।

उन्होंने जानकारी दी, "हमने अदालत से 14 दिन की न्यायिक हिरासत मांगी थी, जिसे मंजूर कर लिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 6 सितंबर को होनी है।" वकील ने यह भी बताया कि चैतन्य बघेल जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
चैतन्य बघेल अपने बर्थडे के दिन हुए थे अरेस्ट
बता दें छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 18 जुलाई 2025 को इस मामले में सबसे पहले पहले गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई राज्य की शराब नीति से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कथित संलिप्तता को लेकर की गई है। संयोगवश, यह गिरफ्तारी चैतन्य बघेल के जन्मदिन पर हुई है, जिसे ईडी ने सुबह-सुबह उनके भिलाई स्थित आवास से अंजाम दिया।
चैतन्य बघेल की बढ़ाई गई न्यायिक हिरासत
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चैतन्य को जुलाई में दुर्ग जिले के भिलाई में गिरफ्तार किया था। ईडी की हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद, उन्हें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (VI) दमरुधर चौहान की अदालत में पेश किया गया था जिसके बाद उनकी न्यायिक हिरातस बढ़ा दी गई थी। इसके बाद आज फिर उनकी न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ा दी गई है।
#WATCH | Chhattisgarh: Chaitanya Baghel, son of former Chief Minister Bhupesh Baghel, produced before a Raipur court today after his ED custody ended. He was arrested in a money laundering case linked to an alleged liquor scam. pic.twitter.com/8kjIH7CtFl
— ANI (@ANI) August 23, 2025
₹1,000 करोड़ से शराब घोटाले संबंधी मामले के आरोपी हें चैतन्य बघेल
ईडी का आरोप है कि चैतन्य बघेल ने कथित शराब घोटाले से उत्पन्न ₹1,000 करोड़ से अधिक की "अपराध आय" को संभाला था। एजेंसी के बयान के अनुसार, उन्होंने अपनी फर्मों के माध्यम से एक रियल एस्टेट परियोजना के विकास के लिए इस राशि में से ₹16.7 करोड़ का उपयोग किया। ईडी ने कहा था , "चैतन्य को ₹16.70 करोड़ की अपराध आय प्राप्त हुई थी। उन्होंने इन निधियों को अपनी रियल एस्टेट फर्मों में मिलाने के लिए उपयोग किया। यह पाया गया कि उन्होंने इस नकद राशि का उपयोग अपनी रियल एस्टेट परियोजना के विकास में किया।
"चैतन्य बघेल क्या करते हैं?
चैतन्य बघेल, जिन्हें बिट्टू के नाम से भी जाना जाता है, मुख्य रूप से रियल एस्टेट व्यवसाय से जुड़े हैं। वे छत्तीसगढ़ में 'विक्टर पुरम' नाम से लक्जरी अपार्टमेंट का निर्माण और बिक्री करते हैं, जिससे उन्हें करोड़ों रुपये की आय होती है। भले ही वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य हैं, फिर भी उन्होंने खुद को राजनीति से दूर रखा है। वे बघेल परिवार के सब्जी फार्म की देखरेख करते हैं। पूर्व में, कांग्रेस नेता के बेटे रियल एस्टेट व्यवसाय से भी जुड़े थे।
भूपेश बघेल ने राजनीति से क्यों बनाई दूरी?
बताया गया है कि 2018 से 2023 के बीच अपने पिता के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान चैतन्य का राजनीतिक पदार्पण होना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। 2024 के आम चुनाव में भी एक और प्रयास किया गया, लेकिन वह योजना भी सफल नहीं हुई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जब बघेल को राजनांदगांव लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए नामित किया गया था, तो यह अटकलें तेज़ थीं कि अगर उनके पिता जीतते हैं तो चैतन्य को पाटन विधानसभा सीट (जो उनके पिता का प्रतिनिधित्व करती है) से मैदान में उतारा जाएगा। लेकिन चूंकि बघेल हार गए, इसलिए योजना ठंडे बस्ते में चली गई।"
कितने अमीर हैं चैतन्य बघेल?
हालांकि चैतन्य बघेल कितनी संपत्ति के मालिक है इसका स्पष्ठ आंकड़ा नहीं है लेकिन वो भी करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं। रियल एस्टेट के अलावा, चैतन्य बघेल कृषि क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। उनके परिवार के पास कुरुदडीह गांव में लगभग 100 एकड़ से अधिक कृषि भूमि है, जहाँ मुख्य रूप से धान की खेती होती है, जो परिवार की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। चैतन्य अपने पिता के साथ इस कृषि कार्य की भी देखरेख करते हैं। उनकी पत्नी शादी से पहले बैंक में कार्यरत थीं।
पिता भूपेश बघेल कितने हैं अमीर?
चैतन्य बघेल के पिता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संपत्ति में 2023-24 के अंतराल में ₹1 करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ था। 2023 के विधानसभा चुनावों के समय उन्होंने अपनी कुल संपत्ति ₹33.39 करोड़ बताई थी। चुनाव आयोग को सौंपे गए हलफनामे के मुताबिक, 2024 में उनकी संपत्ति बढ़कर ₹34.39 करोड़ हो गई थी। यह आंकड़े छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं।












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