कोरोना संकट: केंद्र सरकार ने राज्यों को दी नई गाइडलाइन, कहा- लॉकडाउन और कंटेनमेंट जोन पर ध्यान दीजिए
कोरोना संकट: केंद्र सरकार ने राज्यों को दी नई गाइडलाइन, कहा- लॉकडाउन और कंटेनमेंट जोन ध्यान दीजिए
नई दिल्ली, 27 अप्रैल: भारत में कोरोना वायरस से हालात दिन ब दि खराब होते चले जा रहे हैं। हर दिन 3 लाख से ज्यादा नए कोविड केस संभालना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में कोरोना वायरस के ट्रांसमिशन को तोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नई गाइडलाइन दी है। केंद्र ने लॉकडाउन और कंटेनमेंट जोन बना ने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। केंद्र सरकार ने राज्यों को दिए गाइडलाइन में कहा है, ''ये वक्त प्रतिबंध लगाने का है, जब देश में पॉजिटिविटी रेट एक हफ्ते तक 10 प्रतिशत से अधिक हैं और हॉस्पिटल में 60 फीसदी से अधिक बेडों पर मरीज भर्ती हैं। ऐसे में राज्यों से अनुरोध किया जाता है कि गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देश के आधार पर जिलों, शहरों और इलाकों पर ध्यान देकर कंटेनमेंट जोन बनाया जाए। कम से कम 14 दिनों के लिए पाबंदियां लागू करनी होगी।
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लॉकडाउन कहां या कब लगाना है,या फिर बड़ा कंटेनमेंट जोन कहां बनाना है, इस बारे में गृह मंत्रालय ने कहा है कि लॉकडाउन और कंटेनमेंट जोन लगाने से पहले वहां से इस बात के सबूत निकालिए कि वहां की कोरोना हिस्ट्री क्या है, इन सबतों को आधार बनाकर अस्पताल की संख्या, प्रभावित जनसंख्या, भौगोलिक प्रसार पर एक एनालिसिल कीजिए, उसके बाद उस हिसाब से उस इलाके को कंटेनमेंट जोन घोषित करके, वहां पाबंदियां लगाइए।
राज्यों को लॉकडाउन लगाने पर उद्देश्यपूर्ण, पारदर्शी और सही फैसला लेने के लिए एक व्यापक ढांचा दिया गया है। जिन इलाकों में एक हफ्ते से ज्यादा तक पॉजिटिविटी रेट 10 प्रतिशत या उससे अधिक है, यानी 10 सैंपल में से एक पॉजिटिव मिल रहा है, अस्पताल में 60 प्रतिशत से अधिक बेडों पर ऑक्सीजन सपोर्ट वाले कोविड मरीज हैं तो, उन इलाकों पर ज्यादा फोकस करने की जरूरत है।
केंद्र सरकार ने बताया, कंटेनमेंट जोन बनाने के लिए किसी क्षेत्र की पहचान होने के बाद क्या करना है?
- नाईट कर्फ्यू - जरूरी गतिविधियों को छोड़कर रात में लोगों के मूवमेंट को बैन किए जाएं। स्थानीय प्रशासन कर्फ्यू की अवधि तय करेगा।
- सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, त्योहार से संबंधित और अन्य समारोहों पर प्रतिबंध लगाना -कोरोना के चेन को तोड़ना है तो लोगों के मेल-मिलाप को रोकना होगा।
- शादियों में 50 और अंतिम संस्कार में 20 लोगों की संख्या सीमित किया जाना है।
- शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मूवी थिएटर, रेस्तरां और बार, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, जिम, स्पा, स्विमिंग पूल और धार्मिक स्थान बंद रहेंगे।
- केवल आवश्यक सेवाएं सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में जारी रहनी चाहिए।
- सार्वजनिक परिवहन जैसे रेलवे, मेट्रो, बसों और कैबों अपनी क्षमता से आधे लोगों के साथ ही यात्रा कर सकते हैं।
- आवश्यक वस्तुओं के परिवहन और अंतर-राज्यीय आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
- ऑफिस में 50 फीसदी स्टाफ ही काम करेंगे।
- औद्योगिक और वैज्ञानिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। समय-समय पर रैपिड एंटीजन टेस्ट करना होगा।












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