जम्मू-कश्मीर में फायदा पहुंचा रही मोदी सरकार की स्वास्थ्य योजनाएं, हर परिवार को मिल रहा लाभ
कभी संविधान में सबसे अलग दिखने वाला जम्मू-कश्मीर विकसित भारत के नक्शे में तेजी से उभरता हुआ राज्य बनता नजर आ रहा है। ये नया जम्मू कश्मीर है, जहां लोगों में डर का माहौल खत्म हो गया है और लोग यहां अमन चैन से रह रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर की साल 2014 से एक सशक्त और विकसित राज्य की पहचान बन रही है, जिसकी तस्वीर पूरे देश में दिखाई दे रही है। इसमें सबसे अहम भूमिका निभाई है प्रदेश के हेल्थ सेक्टर ने। केंद्र की मोदी सरकार ने देश के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का काम किया है।

सीधे तौर पर कहें तो जम्मू-कश्मीर में बीते कुछ सालों में जो विकास हुआ है वो कई दशकों में भी नहीं हुआ था। स्वास्थ्य के क्षेत्र में केंद्र सरकार की चलाई जा रही योजनाओं का फायदा अब जम्मू-कश्मीर के लोगों को मिल रहा है।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, आयुष्मान भारत योजना, नेशनल हेल्थ मिशन, मिशन इंद्रधनुष, नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन, नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम और प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना जैसी केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही इन स्वास्थ्य योजनाओं ने यहां के लोगों का ना केवल कठिन समय में साथ निभाया है, बल्कि आर्थिक रूप से भी सहारा दिया है।
प्रधानमंत्री जन औषधी केंद्रों में मिलने वाली सस्ती दवाइयां, अस्पतालों में मिल रहा निःशुल्क इलाज जम्मू कश्मीर के लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है।
मिशन इंद्रधनुष का असर
केंद्र और अस्पतालों के अलावा केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में महिलाओं और नवजात बच्चों का टीकाकरण कर उन्हें बीमारियों से बचाने के लिए सुरक्षा कवच पहना रही है। केंद्र सरकार की ओर से चलाए जा रहे मिशन इंद्रधनुष का असर भी जम्मू-कश्मीर में देखने को मिला है। इसके तहत जम्मू-कश्मीर के ऐसे पांच जिलों की पहचान की गई जहां बच्चों को टीके नहीं लगे थे। इस मिशन के तहत उन जिलों के 90 प्रतिशत बच्चों और गर्भवती महिलाओं का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया जा चुका है।
विकास की इस यात्रा को और गति देते हुए केंद्र सरकार ने गत वर्षों में जम्मू-कश्मीर में कई हजार करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में जम्मू में लगभग 1660 करोड़ की लागत से बने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) का उद्घाटन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे राष्ट्र को समर्पित कर चुके हैं।
AIIMS की सौगात, जनता को राहत
इस अस्पताल के शुरु होने से ना सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए भी 750 बैड की क्षमता, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर के साथ अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होगी। जम्मू के विजयपुर एम्स के अलावा कश्मीर घाटी के अंवतीपोरा में भी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान का निर्माण कार्य जारी है। करीब 45 प्रतिशत तक निर्माण कार्य पूरा भी हो चुका है।
एम्स जम्मू के बाद अब केंद्र सरकार का पूरा फोकस जल्द से जल्द घाटी के अवंतीपोरा में एम्स का निर्माण कार्य पूरा कर इसे जनता को समर्पित करने पर है ताकि जम्मू-कश्मीर की जनता इन स्वास्थ्य सुविधाओं का पर्याप्त लाभ उठा सके।
खोले जा रहे मेडिकल कॉलेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में ना सिर्फ स्वास्थ सेवाएं बेहतर हुई है, बल्कि मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों को भी अब जम्मू-कश्मीर में बेहतर शिक्षा देने के लिए नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। मेडिकल की पढाई के लिए अब बच्चों को अपना घर छोड़कर दूसरे राज्य में जाना नहीं पड़ रहा है। इस केंद्रशासित प्रदेश में बीते 10 वर्षों में ही मेडिकल कॉलेज की संख्या 4 से बढ़कर 12 हो गई है। एमबीबीएस सीटें दोगुनी से भी अधिक, 500 से बढ़कर 1300 हो गई है।
विकसित जम्मू-कश्मीर का लक्ष्य
आज जम्मू-कश्मीर पूरे देश के लिए एक नया उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सर्वे सन्तु निरामयाः के लक्ष्य के साथ नया और स्वस्थ जम्मू कश्मीर बनाया जा रहा है। तेजी से उभरते इस केंद्र शासित प्रदेश के सामने आज विकसित जम्मू-कश्मीर का लक्ष्य है और इस लक्ष्य की प्राप्ति हर एक प्रदेशवासी का सपना है।












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