आईआईटी कैंपस मारीशम में, सरकार नाखुश
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। आईआईटी, दिल्ली का मारीशस कैंपस परसों यानी 1 जनवरी, 2015 से चालू हो जाएगा। इसमें आठ प्रोफेसर और करीब 20 शोधार्थी रहेंगे। हालांकि खबर है कि मानव संसाधन मंत्रालय इस फैसले से नाखुश है।

आईआईटी, दिल्ली के सूत्रों ने बताया कि चूंकि इस पहले विदेशी कैंपस में सारे रिसर्चर हैं,इसलिए यह जरूरी नहीं है कि वे पहले दिन मौजूद रहे। अभी आठ प्रोफेसरों में से चार कम्प्य़ूटर साइंसेज और चार ही इलेक्ट्रिकल विभाग से हैं।
हरी झंडी नहीं ली
हालांकि जानकारों का कहना है कि आईआईटी,दिल्ली ने देश से बाहर अपना कैंपस केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय से हरी झंडी लिए बगैर खोला है। इस लिए मंत्रालय आईआईटी के फैसले से खुश नहीं है। इस बीच, कहने वाले कह रहे हैं कि आईआईटी ने मारीशस में अपना कैंपस खोलने की हिम्मत इसलिए की क्योंकि आईआईटी को इस तरह के तमाम अधिकार हासिल हैं कि वे अपने फैसले खुद ले लें।
हालांकि आईआईटी, दिल्ली के एक सूत्र ने कहा कि यह बात गलत है कि आईआईटी कैंपस खुल रहा है मारीशस में। दरअसल वहां पर आईआईटी,दिल्ली के सहयोग से शोध संस्थान की स्थापना हो रही है।
देश में क्यों नहीं
हालांकि आईआईटी,दिल्ली के पूर्व छात्र रहे प्रेम भूटानी का कहना है कि बेहतर होता कि आईआईटी की तरफ से देश में ही कोई कैंपस खोला जाता। क्योंकि देश में इस तरह के कैंपस की सख्त जरूरत है।












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