झूठ फैलाने वाले फर्जी सोशल मीडिया हैंडल्स पर चला डंडा, सरकार ने सैकड़ों अकाउंट्स किए ब्लॉक
नई दिल्ली, 08 जनवरी। केंद्र सरकार ने अब इंटरनेट पर झूठ और हिंसा को बढ़ावा देने वाले पोस्ट व उनसे जुड़े सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने शनिवार को बताया कि सोशल मीडिया पर फर्जी और उकसावे वाले पोस्ट शेयर करने वाले ट्विटर, फेसबुक और यूट्यूब हैंडल्स को सरकार ने ब्लॉक कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कानून के तहत कार्रवाई के लिए इन हैंडल्ट को चलाने वाले यूजर्स की पहचान की जा रही है।

सुल्ली डील्स और बुल्ली बाई ऐप्स के सामने आने के बाद अब सरकार ने नफरत फैलाने वाले पोस्ट्स पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक आपत्तिजनक पोस्ट पर कार्रवाई हाल ही में सामने आए कैबिनेट ब्रीफिंग के फर्जी वीडियो, प्रधानमंत्री के खिलाफ हिंसा दिखाने वाला एक एनिमेटेड नकली वीडियो और सोशल मीडिया हैंडल पर अपलोड की गई हिंदू महिलाओं को टारगेट करने वाले अपमानजनक पोस्ट से संबंधित है।
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केंद्रीय राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने अपने एक ट्वीट में कहा, भारत सरकार की टास्क फोर्स इंटरनेट को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के काम में जुटी हुई है। इसी क्रम में ट्विटर, यूट्यूब, एफबी (फेसबुक), इंस्टा (इंस्टाग्राम) पर फर्जी और उकसाने वाली पोस्ट को शेयर और फॉरवर्ड करने की कोशिश करने वाले हैंडल को ब्लॉक कर दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे अकाउंट होल्डर्स के मालिकों को कानून के तहत कार्रवाई के लिए पहचाना जा रहा है, और कहा कि उनके खिलाफ कड़ा एक्शन और प्लेटफार्मों की समीक्षा की जाएगी। बीते शुक्रवार शाम मंत्री ने एक ट्वीट का जवाब दिया था जिसमें उन्होंने 'पीएम को दिखाने वाले एक बहुत ही हिंसक वीडियो के मेकर्स" के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया गया था'।
सूत्रों ने कहा कि सरकार ने 73 ट्विटर हैंडल, चार यूट्यूब कंटेंट और एक इंस्टाग्राम गेम की पहचान की है। जिसके बाद 73 ट्विटर हैंडल को निलंबित कर दिया गया है, चार YouTube वीडियो और विशेष रूप से Instagram गेम को हटा दिया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा था कि दिल्ली पुलिस ने कैबिनेट समिति की बैठक का एक मॉर्फ्ड वीडियो मिलने के बाद मामला दर्ज किया था, जिसमें कुछ लोगों ने यह दिखाने की कोशिश की थी कि बैठक सिख समुदाय के खिलाफ थी।












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