बेंगलुरु के कमांड हॉस्पिटल लाए गए ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह, पिता भी हैं साथ में मौजूद
नई दिल्ली, 9 सितंबर: तमिलनाडु के नीलगिरी जिले में बुधवार को वायुसेना का हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ, जिसमें सीडीएस बिपिन रावत समेत 13 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह इकलौते जिंदा बचे शख्स हैं, जिनका अब तक वेलिंगटन के सैन्य अस्पताल में इलाज किया जा रहा था। वहां पर वो लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे, लेकिन अब उन्हें बेंगलुरु के कमांड हॉस्पिटल शिफ्ट कर दिया गया है, जहां उनका आगे का इलाज होगा।

ग्रुप कैप्टन सिंह के पिता कर्नल केपी सिंह (सेवानिवृत्त) उनके साथ मौजूद हैं। गुरुवार सुबह न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वरुण को बेंगलुरु शिफ्ट किया जा रहा है। वहीं जब उनसे बेटे की हालत को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अभी मैं इस बारे में कुछ भी नहीं कह सकता, क्योंकि मैं श्योर नहीं हूं।
दो लोग जिंदा निकले थे
चश्मदीदों के मुताबिक हेलीकॉप्टर क्रैश होने से पहले तीन लोग नीचे गिरे। जिसमें ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह और जनरल रावत जिंदा थे। दोनों को तुरंत रेस्क्यू टीम ने अस्पताल पहुंचाया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जनरल रावत ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने एक जांच कमेटी गठित की है। जिसमें तीनों सेनाओं के अधिकारी शामिल रहेंगे। इस टीम को एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह लीड कर रहे हैं, जो खुद एक हेलीकॉप्टर पायलट हैं।
प्रारंभिक जांच में ये नतीजा
शुरुआती जांच में खराब मौसम को हादसे की वजह बताई जा रही है। हादसे के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें चारों ओर धुंध नजर आ रही। साथ ही हेलीकॉप्टर बहुत कम ऊंचाई पर उड़ रहा है। हालांकि तकनीकी खराबी की बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल वायुसेना की टीम ने ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इसके वजह का पता चल जाएगा।












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