उन्नाव केस: सीबीआई ने कुलदीप सेंगर समेत 4 लोगों की मांगी कस्टडी, चाचा तिहाड़ जेल ट्रांसफर

नई दिल्ली। उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता के रायबरेली में सड़क दुर्घटना के मामले की जांच कर रही सीबीआइ ने उन्नाव के बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर उनके भाई अतुल सिंह, वीरेंद्र सिंह और शैलेंद्र सिंह की कस्टडी मांगी है। सीबीआई ने ये अर्जी लखनऊ की एक ट्रायल कोर्ट में लगाई है। सीबीआई अदालत से यह भी मांग कि वह बलात्कार पीड़िता के चाचा की जांच करना चाहती है, जो मामले में शिकायतकर्ता है, जो वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है।

कोर्ट ने सीबीआई 15 दिन का समय दिया

कोर्ट ने सीबीआई 15 दिन का समय दिया

वहीं केंद्रीय एजेंसी को ट्रक चालक और क्लीनर की एक दिन की ट्रांजिट रिमांड दी गई। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को जांच समाप्त करने के लिए सात दिन की मोहलत दी और उन्नाव की घटना से जुड़े पांच मामलों को उत्तर प्रदेश से दिल्ली स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। लेकिन शुक्रवार को सीबीआई ने सुप्रीम से जांच के लिए थोड़े और समय की मांग की थी। कोर्ट ने सीबीआई को बड़ी राहत देते हुए सात की जगह पर 15 दिन का समय प्रदान किया है।

 सीबीआई टीम मौके पर पहुंचकर क्राइम सीन को रिक्रिएट किया

सीबीआई टीम मौके पर पहुंचकर क्राइम सीन को रिक्रिएट किया

इसी के साथ उन्होंने हादसे से जुड़े मामले की सुनवाई लखनऊ की सीबीआई कोर्ट को सौंप दी है। सीबीआई की एक टीम ज्वॉइंट डायरेक्टर के नेतृत्व में रायबरेली जा रही है। साथ ही सीएफएसएल की एक टीम रायबरेली साक्ष्यों को जुटाने के पहुंच रही है। सीबीआई टीम मौके पर पहुंचकर क्राइम सीन को रिक्रिएट किया। इसके अलावा शुक्रवार को, सुप्रीम कोर्ट ने दुर्घटना मामला दिल्ली ट्रांसफर करने के आदेश में बदलाव किया है। अब 15 दिन में जांच पूरी होने तक मामला ट्रांसफर नहीं होगा। सीबीआई ने कोर्ट से इस बाबत अनुरोध किया था।

मामले से जुड़ी सुनवाई लखनऊ सीबीआई कोर्ट में ही की जाएगी

मामले से जुड़ी सुनवाई लखनऊ सीबीआई कोर्ट में ही की जाएगी

सीबीआई ने कहा कि केस ट्रांसफर करने से अभियुक्तों की रिमांड लेने और जांच मे दिक्कत आ रही है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक सीबीआई की जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक इस मामले से जुड़ी सुनवाई लखनऊ सीबीआई कोर्ट में ही की जाएगी। उन्नाव रेप केस से जुड़े एक अन्य फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने रायबरेली जेल में बंद पीड़िता के चाचा को दिल्ली के तिहाड़ जेल में शिफ्ट करने का आदेश दिया है। इसी के साथ कोर्ट ने ये भी कहा है कि पीड़िता का इलाज लखनऊ में ही किया जाएगा और उसे दिल्ली शिफ्ट नहीं किया जाएगा।

चाचा को तिहाड़ जेल शिफ्ट करने का आदेश

चाचा को तिहाड़ जेल शिफ्ट करने का आदेश

आज सुप्रीम कोर्ट में पीड़िता की तरफ से पेश हुए वकील बी राजशेखरन ने चाचा की सुरक्षा का हवाला देते हुए उन्हें तिहाड़ जेल शिफ्ट करने का आग्रह किया। इसके जवाब में यूपी सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इसमें उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद बेंच ने पीड़िता के चाचा को तिहाड़ जेल शिफ्ट करने का आदेश दिया।

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