सीबीआई रिश्वत कांड: राकेश अस्थाना के खिलाफ एके बस्सी ने सुप्रीम कोर्ट में पेश किए कॉल डिटेल्स और WhatsApp प्रूफ
नई दिल्ली। सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ कथित तौर पर रिश्वत लेने के आरोपों की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी एके बस्सी ने अपना तबादला पोर्ट ब्लेयर किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अस्थाना के खिलाफ कई सबूत सर्वोच्च अदालत में पेश किए। एके बास्सी ने व्हाट्सऐप मैसेज के साथ-साथ कॉल डिटेल्स का विवरण कोर्ट में जमा किया है। इन सबूतों को पेश करने के साथ ही उन्होंने राकेश अस्थाना पर एक व्यापारी सतीश सना से रिश्वत लेने का आरोप लगाया। बस्सी ने कहा कि अस्थाना सीबीआई जांच से बचना चाहते थे।

एके बस्सी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की है याचिका
सीबीआई के अधिकारी एके बस्सी ने दावा किया कि उन्होंने जो कॉल रिकॉर्ड पेश किए हैं इसमें राकेश अस्थाना और दुबई के रहने वाले शख्स मनोज प्रसाद के बीच संबंध का पता चलता है, जिसका नाम कथित रूप से रिश्वत मामले में शामिल था। मनोज प्रसाद को इस महीने की शुरुआत में ही गिरफ्तार किया गया था। वह पूर्व रॉ (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) के निदेशक दिनेश्वर प्रसाद के बेटे हैं। एके बस्सी ने बताया कि मनोज प्रसाद ने मार्च 2017 से अपना फोन डेटा डिलीट नहीं किया है, ऐसे में सीबीआई इन संदेशों को एक्सेस कर सकती है और इसके सहारे कथित तौर पर रिश्वत देने वाले सतीश सना तक पहुंच सकती है।

'अस्थाना तो अपना आदमी है', बस्सी ने पेश की कॉल डिटेल्स
एके बस्सी ने सुप्रीम कोर्ट में जिन कॉल डिटेल्स का जिक्र किया है उसमें आरोपी आपस में यह बात करते हुए सुनाई दे रहे हैं कि 'अस्थाना तो अपना आदमी है।' एके बस्सी की ओर से वकील सुनील फर्नांडेस ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की बेंच के सामने दलीलें रखीं। इस बेंच में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस केएम जोसेफ शामिल हैं। याचिका में अजय कुमार बस्सी ने राकेश अस्थाना के खिलाफ सोमेश प्रसाद और मनोज प्रसाद के साथ मिलकर साजिश रचने और भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

एके बस्सी का पोर्ट ब्लेयर किया गया ट्रांसफर
एके बस्सी ने कोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा कि उन्हें इस बात का डर है कि उनकी जगह पर जिसे इस मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है, वो इससे संबंधित सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इसीलिए सीबीआई के कई अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया। बता दें कि सीबीआई के टॉप 2 अधिकारियों के विवाद के बाद दोनों अधिकारियों को छुट्टी पर भेज दिया गया था, वहीं एम. नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बनाया गया था। उन्होंने आते ही कई अधिकारियों के ट्रांसफर किया था। इसमें एके बस्सी का पोर्ट ब्लेयर ट्रांसफर करने का फैसला सुनाया था।












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