एक्शन में सीबीआई के नए मुखिया राव, कई अधिकारियों को हटाया
नई दिल्ली। सीबीआई के भीतर घूसकांड के विवाद के बीच एम नागेश्वर राव ने सीबीआई के अंतरिम निदेशक का पदभार संभाल लिया है। सीबीआई के निदेश का पद संभालते ही राव ने अपने तेवर साफ कर दिए हैं। उन्होंने एक साथ कई अधिकारियों का तबादला कर दिया है। सीबीआई चीफ ने आज सुबह ही ज्वाइंट डायरेक्टर अरुण शर्मा को जेडी पॉलिसी और जेडी एंटी करफ्शन मुख्यालय से हटा दिया है। यही नहीं इसके अलावा उन्होंने राकेश अस्थाना मामले की त्वरित जांच के लिए भी अहम कदम उठाया है।

सीबीआई ऑफिस सील
राव ने राकेश अस्थाना के मामले की जल्द जांच के लिए इसे फास्ट ट्रैक इन्वेस्टिगेंटिगेशन में डाल दिया है। इसके अलावा एसी 3 के डीआईजी मनीष सिन्हा को भी उनके पद से हटा दिया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि मनीष सिन्हा और अरुण शर्मा राकेश अस्थाना घूसकांड की जांच कर रहे थे, जिन्हें राव ने पद संभालते ही हटा दिया है। यही नहीं आज सुबह ही सीबीआई ने अपने दफ्तर के 10वें और 11वें फ्लोर को सील कर दिया है, यहां किसी भी दस्तावेज को ले जाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है।

फाइलों को हटाने पर रोक
सीबीआई सूत्रों के अनुसार आज दोपहर 2 बजे तक सीबीआई के डायरेक्टर और स्पेशल डायरेक्टर के ऑफिस से किसी भी फाइल या कागज को हटाया नहीं जा सकता है। गौर करने वाली बात है कि राकेश अस्थाना पर मोईन कुरैशी मामले में घूस लेने का आरोप लगा था। जिसके बाद सीबीआई ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी और उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी थी। अपने उपर लगे आरोप के बादद राकेश अस्थाना ने सीबीआई के डायरेक्टर आलोक वर्मा पर सिलसिलेवार घूसखोरी के आरोप लगाए थे।

कई अहम मामलों की कर रहे थे जांच
आपको बता दें कि राकेश अस्थाना कई अहम मामलों की जांच कर रहे थे। जिसमे मुख्य रूप से ऑगस्ता वेस्टलैंड, वीवीआईपी हेलीकॉप्टर केस, विजय माल्या केस, कोयला घोटाला से संबंधित केस, रॉबर्ट वाड्रा केस, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुडा के खिलाफ भूमि आवंटन का केस, दयानिधि मारन के खिलाफ केस शामिल थे।
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