'टूटे हुए थे सेमिनार हॉल के दरवाजे के बोल्ट', फिर क्यों आवाज नहीं आई बाहर?, CBI कर रही कई पहलुओं पर जांच
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ट्रेनी लेडी डॉक्टर के साथ हुए रेप और हत्याकांड की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। वहीं, अब सीबीआई के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल, अपनी जांच के दौरान सीबीआई ने अपराध स्थल के सेमिनार हॉल की जांच के दौरान पाया कि दरवाजे पर लगे बोल्ट टूटे हुए थे।
बोल्ट टूटे होने की वजह से दरवाजा बंद नहीं हो सकता था। जिसके बाद अब सीबीआई के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि पीड़िता पर हमला होने के दौरान सेमिनार हॉल के अंदर से आवाज बाहर क्यों नहीं सुनाई दी? सीबीआई इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि क्या सेमिनार हॉल के बाहर कोई तैनात था?

अगर किसी शख्स को खड़ा किया गया था तो वह कौन था? उस शख्स की तलाश और इस बात की पुष्टि के लिए सीबीआई मेडिकल कॉलेज के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। खबर के मुताबिक, 31 वर्षीय ट्रेनी लेडी डॉक्टर 9 अगस्त की सुबह 4 बजे अस्पताल के सेमिनार हॉल में मृत पाई गई, जब वह अपनी 36 घंटे की शिफ्ट के दौरान सो रही थी।
इस मामले में पुलिस ने संजय रॉय नामक के शख्स को गिरफ्तार किया है। वहीं, अब इस मामले की जांच कर रही सीबीआई ने अपना ध्यान अपराध स्थल पर केंद्रित किया है, ताकि यह समझा जा सके कि सरकारी अस्पताल के सेमिनार हॉल में अपराध को "बिना किसी रुकावट के" कैसे अंजाम दिया गया।
प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि सेमिनार हॉल के बोल्ट टूटने के कारण दरवाजा कुछ समय के लिए खराब हो गया था। पीड़िता 9 अगस्त को सुबह 2 से 3 बजे के बीच हॉल में दाखिल हुई थी। पीटीआई के हवाले से एक अधिकारी ने बताया कि ड्यूटी पर मौजूद एक डॉक्टर ने उसे हॉल के अंदर सोते हुए देखा था।
अधिकारी ने कहा, 'डॉक्टरों, इंटर्न और जूनियर डॉक्टरों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि सेमिनार हॉल के दरवाजे का बोल्ट काफी समय से टूटा था। यह दरवाजा बंद नहीं होता था। सीबीआई अधिकारियों का ऐसा मानना है कि घटना के वक्त गेट के बाहर किसी को खड़ा किया गया था।
यह शख्स कौन था, उसकी तलाश के लिए सीबीआई मेडिकल कॉलेज के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। वहीं, अधिकारी इस बात से हैरान हैं कि पीड़िता पर हमला होने के दौरान सेमिनार हॉल के अंदर से किसी ने कोई आवाज़ क्यों नहीं सुनी। किसी को गेट के बाहर गार्ड के तौर पर खड़ा किया गया था?
सीबीआई ने इस बिंदु की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। बता दें कि अपनी जांच के हिस्से के रूप में, सीबीआई इस मामले में उनकी संलिप्तता का पता लगाने के लिए आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के चार कर्मचारियों, जिनमें तीन जूनियर डॉक्टर भी शामिल हैं, पर पॉलीग्राफ टेस्ट कराएगी।
अधिकारियों ने संदीप घोष पर झूठ पकड़ने वाले परीक्षण की भी अनुमति प्राप्त कर ली है, जिन्होंने घटना के दो दिन बाद इस्तीफा दे दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने हत्या की एफआईआर दर्ज करने में "14 घंटे की देरी" के लिए संदीप घोष और पश्चिम बंगाल पुलिस को फटकार लगाई है।












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