सीबीआई ने मानव तस्करी रैकेट का किया बड़ा खुलासा, 22 लापता बच्चों की तलाश जारी
नई दिल्ली। देश में मानव तस्करी का बड़ा रैकेट सामने आया है, सीबीआई को इस रैकेट का भंडाफोड़ करने में बड़ी सफलता मिली है। दरअसल पेरिस में एक बच्चे को पुलिस हिरासत में लिया गया, जिसके बाद भारत में चल रहे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल मानव तस्करी रैकेट का खुलासा हुआ है। इस रैकेट में पंजाब और हरियाणा से 25 लड़कों को जिनकी उम्र 13 से 18 वर्ष के बीच है, उन्हें रग्बी ट्रेनिंग कैंप के नाम पर तस्करी के लिए ले जाया गया। इन 25 में से सिर्फ दो बच्चे ही वापस भारत लौट पाए हैं।

25-30 लाख रुपए के लिए तस्करी
अभी भी 22 बच्चों की तलाश जारी है, सीबीआई के सूत्रों का कहना है कि हो सकता है कि कुछ बच्चों के माता-पिता को 25-30 लाख रुपए दिए गए हो ताकि वह अपने बच्चों को पेरिस भेज सके। फ्रांस की पुलिस ने सीबीआई को बच्चे की हिरासत के बारे में जानकारी दी। मिली जानकारी के अनुसार सीबीआई ने इस रैकेट को चलाने वाले ललित डेविड डीन, राज और वरुण चौधरी की पहचान कर ली है जोकि दिल्ली और फरीदाबाद में रहते हैं।

सीबीआई कर रही जांच
सीबीआई ने तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद उनके ठिकानों पर छापेमारी की, जहां उन्हें कई लैपटॉप, सहित बच्चों के बारे में जानकारी मिली है। सीबीआई के अधिकारी ने बताया कि तीनों ही आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, उनके लैपटॉप की भी जांच हो रही है। जांच में यह पता चला है कि 25 बच्चे जोकि कपूरथला पंजाब के स्कूल के बच्चे हैं उन्हें 1 फरवरी 2016 को पेरिस ले जाया गया था। सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि इन बच्चों के फ्रेंच वीजा फ्रेंच फेडरेशन के न्योते के आधार पर दिया गया था। ये सभी बच्चे पेरिस गए थए, जिसके बाद इनके एजेंट ने इनके रिटर्न टिकट को रद्द कर दिया, लेकिन इन सब के बीच दो बच्चों को इस बात की भनक लग गई कि कुछ गड़बड़ है जिसके बाद वह किसी तरह से वापस लौटने में सफल हुए हैं।

स्कूल के नहीं है बच्चे
वहीं कपूरथला के स्कूल ने सीबीआई को बताया कि बच्चे उनके स्कूल में नहीं पढ़ते हैं। सीबीआई ने अभी तक एक माता-पिता की पहचान की है, पिता ने बताया कि वह अपने बच्चे को अमेरिका में अपने रिश्तेदार के यहां भेजना चाहते थे, लेकिन उन्हें वैध दस्तावेज नहीं मिल सके, जिसके बाद वह एक एजेंट के संपर्क में आए जिसने कहा कि वह उन्हें 27 लाख रुपए देगा और बच्चे को वहां भेजेगा। लेकिन एजेंट ने बच्चे को पेरिस भेज दिया। सीबीआई का कहना है कि हमे अभी इस बात की जानकारी नहीं है कि बाकी बच्चे अभी वहां पहुंचे हैं या नहीं।












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