भ्रष्टाचार के आरोप में CBI ने अपने ही 4 अधिकारियों को किया गिरफ्तार, व्यापारी से करने गए थे वसूली
नई दिल्ली, 12 मई: भारत सरकार ने जिस केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को भ्रष्टाचारियों पर लगाम लगाने का जिम्मा दिया था, उसी के चार सब-इंस्पेक्टर वसूली के आरोप में गिरफ्तार हुए हैं। आरोपी अधिकारी कथित तौर पर चंडीगढ़ के एक व्यवसायी को धमकाने के मामले में शामिल थे। उन्होंने व्यवसायी को ये तक कह डाला कि अगर उसने 25 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया तो वो उसे आतंकियों को धन मुहैया करवाने के मामले में फंसा देंगे।

सीबीआई के मुताबिक आरोपियों की पहचान सब-इंस्पेक्टर सुमित गुप्ता, प्रदीप राणा, अंकुर कुमार और आकाश अहलावत के रूप में हुई है। चारों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चंडीगढ़ के व्यवसायी ने सीबीआई से शिकायत की कि 10 मई को चार अधिकारी समेत 6 लोग उनके दफ्तर पहुंचे और उनसे पैसे की मांग की। इसके साथ ही धमकी दी कि अगर जल्द ही भुगतान नहीं हुआ तो वो उसे आतंकियों के साथ सांठ-गांठ के मामले में फंसा देंगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सीबीआई ने इसकी जांच की। जिसमें आरोप सही पाया गया। इसके बाद चार सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया गया। मामले में सीबीआई प्रवक्ता आर सी जोशी ने कहा कि आरोपी अधिकारियों ने शिकायतकर्ता को जबरदस्ती एक कार में बिठाया और उससे 25 लाख रुपये की मांग की। अब विभाग उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है।
बिना वारंट पहुंचे थे
सूत्रों के मुताबिक चारों आरोपी कर्मचारी दो साल पहले ही सीबीआई में शामिल हुए थे। हाल ही में वो आईटी फर्म पर फर्जी छापेमारी करने के लिए चंडीगढ़ गए। वहां पर ना तो उनकी तैनाती हुई थी और ना ही उनके पास छापेमारी का कोई आदेश था। शक होने पर फर्म के कर्मचारियों ने उन्हें घेरकर पुलिस को बुला लिया। बुधवार सुबह करीब 11 बजे सेक्टर-26 थाने से सीबीआई के हवाले किया गया। सीबीआई ने चारों के सामान भी जब्त कर लिए हैं। साथ ही फर्म में लगे सीसीटीवी को भी देखा, जिसमें मामला सही पाया गया।












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