इंडियन वाल्ट डिजनी केवल नाम के ही नहीं कार्टूनों के भी 'प्राण' थे

गुड़गांव। बुधवार सुबह भारत के लिेए दुखद खबर आयी कि देश के सबसे मशहूर कार्टूनिस्ट प्राण यानी प्राण कुमार शर्मा का गुड़गांव के अस्पताल में निधन हो गया। वो 75 साल के थे और पिछले काफी समय से कैंसर की लड़ाई लड़ रहे थे लेकिन जिनकी कॉमिक्स के हीरो कभी नहीं हारते हैं वो अपनी असल जिंदगी की लड़ाई कैंसर से हार गये और मंगलवार की रात को उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

जिंदगी की इतनी हसीन और मजेदार हो सकती है इस बात को लोगों से रूबरू कराया था कार्टूनिस्ट प्राण ने, तभी तो जो बात चाचा चौधरी और पिंकी की कहानियों में हैं वो आजतक किसी भी इंडियन एनीमेटड क्रियेचर में नहीं। अस्सी-नंबे के दशक के बच्चों से आज भी पूछिये तो आपको पता चलेगा कि उनकी गर्मियों की छुट्टियां चाचा चौधरी का दिमाग कंप्यूटर से भी तेज चलता है... रटते हुए बितती थी। इन लोगों की नजर में प्राण कुमार शर्मा केवल नाम के ही प्राण नहीं बल्कि कार्टूनों की दुनिया के 'प्राण' थे।

लोगों ने प्राण कुमार के जाने पर अपनी-अपनी ओर से शोक-संवेदनाएं फेसबुक और ट्विटर पर पेश की हैं। लोगों ने लिखा है कि कार्टूनिस्ट प्राण का देश आभारी रहेगा, भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। भले ही वो हमारे बीच आज सशरीर उपस्थित नहीं हैं लेकिन अपनी कॉंमिक्स के जरिये वो हमेशा हमारे बीच मौजूद रहेंगे और हमें हंसाते रहेंगे।

प्राण के निधन पर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी गहरा शोक जताते हुए ट्विट किया है कि कार्टूनिस्ट प्राण वाकई में देश के अमूल्य धरोहर थे, उन्होंनें लाखों लोगों को हंसाने का काम किया, उनकी भरपाई कोई नहीं कर सकता है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।

मशहूर कार्टूनिस्ट प्राण कुमार शर्मा के बारें में जानते हैं और बहुत सारी बातें..इसके लिए नीचे की स्लाइडों पर क्लिक कीजिये..

जन्म 15 अगस्त, 1938 को

जन्म 15 अगस्त, 1938 को

देश के मशहूर कार्टूनिस्ट प्राण कुमार शर्मा का जन्म 15 अगस्त, 1938 को लाहौर में हुआ था ।

कार्टून बनाने की शुरुआत

कार्टून बनाने की शुरुआत

भारतीय कॉमिक जगत के सबसे सफल और लोकप्रिय कार्टूनिस्ट प्राण ने 1960 से कार्टून बनाने की शुरुआत की।

चाचा चौधरी और साबू

चाचा चौधरी और साबू

प्राण को सबसे ज्यादा लोकप्रिय उनके पात्र चाचा चौधरी और साबू ने बनाया।

अखबार मिलाप

अखबार मिलाप

उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबार मिलाप से कार्टून बनाने की शुरुआत की।

चाचा चौधरी को जन्म दिया

चाचा चौधरी को जन्म दिया

1969 में प्राण ने पहली बार हिंदी मैंगजिन लोटपोट के लिए चाचा चौधरी को जन्म दिया। जिसने रातों-रात प्राण को पूरी दुनिया में लोकप्रिय कर दिया।

बिल्लो, चन्नी चाची, रमन, पिंकी

बिल्लो, चन्नी चाची, रमन, पिंकी

इसके बाद प्राण ने बिल्लो, चन्नी चाची, रमन, पिंकी को भी जन्म दिया।

लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड

लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड

1995 में इनके अचीवमेंट को लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में शामिल किया गया।

'रमन-हम एक हैं

'रमन-हम एक हैं

1983 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने प्राण की एकल मैंगजिन 'रमन-हम एक हैं' का उद्दघाटन किया था।

लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड

लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड

साल 2001 में प्राण को इंडियन कार्टूनिस्ट इंस्टीट्यूट ने लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया था।

नहीं रहे भारत के वाल्ट डिजनी प्राण

नहीं रहे भारत के वाल्ट डिजनी प्राण

उन्हें भारत का वाल्ट डिजनी भी कहा जाता था, मंगलवार रात कैंसर की वजह से उन्होंने 75 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया।

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