प्रधानमंत्री के पास उद्घाटन का समय नहीं तो जून में खोल दें ईस्टर्न पेरिफरेल एक्सप्रेस-वे: सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि वह ईस्टर्न पैरिफेरल एक्सप्रेस-वे को 31 मई से पहले शुरू करे। देश की सर्वोच्च अदालत ने कहा कि अगर ईस्टर्न एक्सप्रेस वे के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री के पास समय नहीं है तो इंतजार करने की कोई जरूरत नहीं है।

NHAI ने अदालत को बताया कि पहले ईस्टर्न एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन की तारीख 29 अप्रैल रखी गई थी, लेकिन प्रधानमंत्री के पहले से तय कार्यक्रमों की वजह से पीएमओ ने इस तारीख पर प्रोग्राम कैंसिल कर दिया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता ने कहा कि ईस्टर्न एक्सप्रेस-वे 1 जून को खुल जाना चाहिए, भले ही पीएम इसका उद्घाटन कर पाएं या नहीं। दोनों जजों ने कहा कि ईस्टर्न एक्सप्रेस-वे के खुलने में देरी किया जाना जनहित में नहीं है।
ईस्टर्न एक्सप्रेस वे की खास बातें
-छह लेन वाला ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे कुंडली से पलवल को जोड़ेता है। इसे बनाने में करीब 110 अरब रुपये का खर्च आया है।
-एक अनुमान है कि एक्सप्रेस-वे बनने से करीब 2 लाख वाहनों डायवर्ट हो जाएंगे, जो कि अभी दिल्ली से होकर जाते हैं। इससे दिल्ली की सड़कों पर वाहनों की संख्या में काफी कमी आएगी।
-इसका एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि यूपी से हरियाणा होते हुए जाने वाले ट्रकों को अब दिल्ली में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। अभी ये सभी ट्रक दिल्ली होकर आते-जाते हैं, जिससे दिल्ली पर ट्रैफिक का बोझ बढ़ता है।
-एक्सप्रेस-वे की मदद से पलवल से कुंडली के बीच सफर का सफर आधे से भी कम वक्त में पूरा हो जाएगा।
-ईस्टर्न एक्सप्रेस-वे पर सात इंटरचेंज हैं, जिससे एक से दूसरे शहर तक जा सकते हैं।
-ईस्टर्न एक्सप्रेस-वे की सुंदरता पर NHAI ने खासा ध्यान दिया है। इस पर बने पुलों पर 28 रंगीन फाउंटेन लगाए गए हैं। इसके अलावा ऐतिहासिक इमारतों की रिप्लिका भी लगाई गई हैं।












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