डॉक्टर की 'गंदी हरकत', अपने ही स्पर्म से करता था निःसंतान महिलाओं को प्रेगनेंट
नई दिल्ली। कनाडा में एक डॉक्टर ने अपनी घिनौनी करतूत से डॉक्टर और मरीजों के रिश्ते को शर्मसार कर दिया है। उसने मरीजों के साथ धोखा किया है, जिसका असर मरीजों के साथ ही उनके परिवार पर भी पड़ा है। निःसंतान महिलाओं में यह डॉक्टर खुद का और गलत शुक्राणु (स्पर्म) ट्रांसफर कर गर्भाधान करता था। राज खुलने के बाद डॉक्टर के मेडिकल लाइसेंस को रद्द कर दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक 80 साल के डॉक्टर बनार्ड नॉरमन अपना क्लीनिक चलाते थे जहां वो प्राकृतिक तरीके से मां नहीं बन पाने वाली महिलाओं को कृत्रिम तरीके गर्भधान करवाते थे। आरोप है कि बीते कई सालों से उनके पास इलाज के लिए आनेवाली महिलाओं को गर्भवती करने के लिए खुद के स्पर्म (शुक्राणुओं) का इस्तेमाल कर रहे थे। डॉ बनार्ड पर ऐसे 50-100 महिलाओं की डिलिवरी करवाने का आरोप है जिसमें उन्होंने गलत स्पर्म का इस्तेमाल किया। बनार्ड ने करीब 11 महिलाओं को मां बनाने के लिए अपने स्पर्म को उपयोग में लाया।
ऐसे हुआ खुलासा
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब उनमें से एक बच्चे ने बड़े होकर अपनी फैमिली के बारे में रिसर्च किया। मेडिकल में उसे पता चला कि उसे एक प्रकार की बीमारी है जो कि अनुवांशिक है, लेकिन उसके माता-पिता में से किसी में भी ये बीमारी नहीं है।
इस प्रकार से उस डॉक्टर के करतूतों का पता चला। 25 वर्ष की उम्र में जाकर उस लड़की ने इसका खुलासा किया और रिसर्च में पता लगाया कि डॉक्टर बारविन ही उसका जैविक पिता है। उसने बताया कि इसके बाद मेरी लाइफ बदल गई।
उसके पिता को भी अब तक ये नहीं पता था कि जिस बच्चे को अब तक पाल कर बड़ा कर रहे थे वह उसका खुद का बच्चा नहीं है। उसकी मां का भी यही हाल था उसे 25 सालों तक ये नहीं पता था कि अस्पताल में बिना उसके अनुमति के उसके साथ क्या हुआ था। आरोपी डॉक्टर के खिलाफ ओंटारिये के चिकित्सकों और सर्जनों के कॉलेज के अनुशासनात्कम पैनल ने भी जांच की है और उनपर दूसरी कार्रवाई भी मुमकिन है।












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