वंदे भारत ट्रेन पर पथराव करने वालों की खैर नहीं, अब ऐसे होगी उनकी पहचान
नई दिल्ली। देश की सबसे चर्चित सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस ( Train-18) पर पथराव के कई मामले सामने आए हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव करने वालों से निपटने के लिए अब रेलवे ने इस ट्रेन के बाहरी हिस्से पर कैमरे लगाए हैं ताकि पथराव की घटनाओं का पता लगाया जा सके और उन पर रोक लगाई जा सके, साथ ही देश की पहली सेमी-हाई स्पीड ट्रेन को होने वाली क्षति से बचाया जा सके।

कैमरे करेंगे पत्थर फेंकने वालों की पहचान
रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि फरवरी में कमर्शियल रन के बाद इस ट्रेन पर कम से कम एक दर्जन से अधिक पथराव की घटनाएं सामने आई हैं। अधिकारियों ने कहा कि पथराव के कारण अब तक 12 खिड़की के शीशे बदले गए हैं। पिछले महीने, रेलवे ने वाराणसी और दिल्ली के बीच चलने वाली इस ट्रेन पर चार कैमरे लगाए - दो आगे और दो पीछे के छोर पर।

ट्रेन पर पथराव के कई मामले आए सामने
आरपीएफ डीजी अरुण कुमार ने बताया कि 17 मार्च को पथराव का एक और मामला सामने आया था और इन कैमरों के कारण ये पता लगाया जा सका कि पत्थर किन इलाकों और किस तरफ से फेंके गए। अधिकारियों ने बताया कि पॉली कार्बोनेट शीट्स के साथ कांच की खिड़कियों को कवर करने की भी योजना भी बनाई जा रही है। वंदे भारत ट्रेन पर पथराव करने वालों के साथ पुलिस सख्ती से पेश आयेगी। इनकी धरपकड़ के लिये कई विशेष टीमों को सक्रिय किया गया है। साथ ही ट्रेन के अंदर निगरानी के लिये भी सुरक्षाकर्मी तैनात किये गये हैं जो संदिग्ध स्थानों की लोकेशन तत्काल कंट्रोल रूम को भेज रहे हैं।

पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन है वंदे भारत
इसके पहले, कौशांबी जिले में वंदे भारत ट्रेन पर पत्थर फेंकने का मामला सामने आया तो पत्थरबाजों की धरपकड़ के लिऐ ट्रेन में सफर कर रही स्पेशल टीम ने कुछ स्थानों को चिन्हित किया और रंगे हाथ एक युवक को गिरफ्तार भी कर लिया था। वंदे भारत एक्सप्रेस पर दर्जनों पथराव की घटनाएं सामने आई हैं। सरसौल, कटोघन, खागा, थरवई, भदोही समेत कई स्थान पर ट्रेन पर पत्थर फेंके गए थे।












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