तारीफ सुन शीशे में उतर गईं स्मृति, गिफ्ट किया एनआईटी अध्यक्ष की कुर्सी, विवाद
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बेहद करीबी और अकसर विवादों में रहने वाली केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी अब एक नये विवाद में घिरती नज़र आ रही हैं। इस बार मामला नागपुर एनआईटी (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) के अध्यक्ष पद की नियुक्ति से जुड़ा हुआ है। आपको बता दें कि विशराम जामदार ने खुद का आरएसएस से संबंध बताया और स्मृति ईरानी की थोड़ी तारीफ कर दी और जैकपॉट के रूप में उन्हें एनआईटी नागपुर का अध्यक्ष पद मिल गया।

बस क्या था अपनी तारीफ सुनकर स्मृति ईरानी ने मानव संसाधन मंत्रालय के पैनल द्वारा तैयार की गई चार लोगों की लिस्ट को दरकिनार करते हुए जामदार के नाम को ही राष्ट्रपति की मुहर के लिए भेज दिया गया। राष्ट्रपति ने 15 सितंबर को अध्यक्ष पद के तौर पर जामदार के नाम पर मुहर लगा दी। दिलचस्प बात ये है कि स्मृति ईरानी को केंद्रीय मंत्री के तौर पर शपथ लिए मात्र दो दिन ही हुए थे कि जामदार ने उन्हें चिट्ठी भेज दी थी।
विशराम जामदार ने यह लिखा था स्मृति ईरानी को लिखी चिट्ठी में
नागपुर में आपके छोटे से दौरे के दौरान आप हमारे ही घर पर रूकी थीं। इसके बाद मैं दिल्ली में अपने परिवार के साथ बीजेपी ऑफिस में भी आपसे मिला और आपके व्यक्तित्व से खासा प्रभावित हुआ। हमें उम्मीद है कि आपके नेतृत्व में मानव संसाधन मंत्रालय अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे ढंग से निभाएगा और नई ऊंचाईयों को छुएगा। इस पत्र के साथ मैंने मेरा रिज्यूमे भी भेजा है। तारीफ के बोल सुन स्मृति ने सभी को दरकिनार करते हुए जामदार को NIT के अध्यक्ष का पद गिफ्ट कर दिया।












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