आयुष्मान योजना में बड़ी धांधली, 'मृत' मरीजों के इलाज पर खर्च हुए 6.9 करोड़ रुपए, CAG की रिपोर्ट में खुलासा
Ayushman Bharat Scheme: भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) जिसको आम बोलचाल में आयुष्मान भारत योजना कहा जाता है, उसे लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है।
गरीब और जरूरतमंदों के इलाज के लिए शुरू की गई मोदी सरकार की ओर से इस योजना में बड़ी धांधली देखने को मिली है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानि CAG की रिपोर्ट में इसे लेकर हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है।

मृत मरीजों के इलाज के नाम पर करोड़ों वसूले
कैग ने अपनी रिपोर्ट में केंद्र सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना की प्रभावशीलता के बारे में चिंता जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक इस योजना का लाभ ऐसे लोग उठा रहे हैं, जिन्हें पहले मृत घोषित किया गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुल 3,446 ऐसे मरीजों के इलाज पर कुल 6.97 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया, जो पहले ही मर चुके थे।
कैग की ऑडिट के अनुसार योजना के डेटाबेस में पहले से मृत घोषित किए गए 3446 मरीजों के इलाज के लिए 6.97 करोड़ रुपये का चौंका देने वाला भुगतान किया गया था।
एक ही मोबाइल से 10 लाख लोगों का रजिस्ट्रेशन
हालांकि ये पहली दफा नहीं है जब आयुष्मान भारत योजना को लेकर ऐसी चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई हो, इससे पहले सीएजी की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि करीब 7.5 लाख से ज्यादा लोगों को एक ही मोबाइल नंबर पर रजिस्टर कर दिया गया और वो नंबर भी इनवैलिड था।
CAG के परफॉर्मेंस ऑडिट के तहत, 'पहले के दावे/उपचार के दौरान लाभार्थी के उपचार को 'मृत्यु' के रूप में दिखाया गया" श्रेणी के तहत अनियमितता देखी गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि अस्पतालों द्वारा प्रस्तुत दावों के दिशानिर्देशों में मृत्यु दर से जुड़े मामलों के लिए अलग भुगतान संरचनाएं थीं।
इसके अलावा यह निर्धारित किया गया था कि यदि किसी मरीज की अस्पताल में भर्ती होने के बाद लेकिन छुट्टी से पहले मृत्यु हो जाती है, तो ऐसे मामलों के ऑडिट के बाद अस्पताल को भुगतान किया जाना चाहिए।
जानिए कहां मिली सबसे ज्यादा गड़बड़ियां
अनियमितताएं बड़े पैमाने पर पाई गईं, जिनमें छत्तीसगढ़, हरियाणा, झारखंड, केरल और मध्य प्रदेश को ऐसे सबसे अधिक मामलों वाले राज्यों के रूप में पहचाना गया। इसके अलग अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम, चंडीगढ़, मणिपुर और सिक्किम में मामलों की संख्या सबसे कम थी।
1 अप्रैल 2018 को शुरू हुई थी योजना
आपको बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार की ओर से साल 2018 में शुरू की गई आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) योजना का उद्देश्य गरीब वर्ग के लोगों को मुफ्त इलाज मुहैया करना है, जिसे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शुरू किया गया है।












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