मेनका गांधी को मोदी कैबिनेट में नहीं मिली जगह, लेकिन मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्रपति भवन में दूसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। पीएम मोदी के साथ कई बीजेपी नेताओं और एनडीए के नेताओं ने शपथ ली। मेनका गांधी को इस बार कैबिनेट में जगह नहीं मिली है। लेकिन उन्हें 17वीं लोकसभा में अस्थायी अध्यक्ष (प्रो-टर्म स्पीकर) बनाया जा सकता है। इसका मतलब है कि वह नवनिर्वाचित लोकसभा सांसदों को पद की शपथ दिलाएंगी और लोकसभा की पहली बैठक की अध्यक्षता भी करेंगी, जिसमें स्पीकर का चुनाव होगा।

मेनका गांधी ने लोकसभा चुनाव 2019 में उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से जीत हासिल की। सुल्तानपुर से उनके बेटे वरुण गांधी चुनाव लड़ते थे। वो इस बार पीलीभीत से चुनाव लड़े और जीते। मेनका इससे पहले मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में महिला एवं बाल विकास मंत्री थीं। मेनका गांधी आठ बार की सांसद रह चुकी हैं। मेनका गांधी इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी की पत्नी है। मेनका इस बार अपने चुनाव प्रचार के दौरान एक विवाद में भी आई। उन्होंने मुसलमानों की एक सभा को चेतावनी देते हुए कहा था कि वह "वैसे भी जीतेगी। लेकिन अगर वह जीत मुसलमानों के वोट के बिना थी, तो "चीजें खट्टी हो जाएंगी।












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