Protest against CAA: कन्हैया कुमार ने साधा PM मोदी पर निशाना, कहा- वो जॉर्ज बुश की भाषा बोल रहे हैं, मैं देशद्रोही नहीं
नई दिल्ली। एक बार फिर से जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और सीपीआई नेता कन्हैया कुमार ने मोदी सरकार पर तीखा वार किया है, जामिया हिंसा को गलत ठहराते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि दिल्ली में जो कुछ भी हुआ है लो सरासर गलत है, छात्रों के साथ ऐसा बर्ताव कैसे हो सकता है। न्यूज चैनल आज तक के एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे कन्हैया कुमार ने कहा कि नागरिकता संशोधन बिल मोदी सरकार का एक जाल है।

'NRC को लागू करने के लिए CAA लाया गया '
कन्हैया कुमार ने कहा कि यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्र भी इसी देश के नागरिक हैं, NRC को लागू करने के लिए CAA लाया गया है, जब डॉक्यूमेंट चेक किया जाएगा तो सिर्फ मुसलमानों का चेक नहीं किया जाएगा, ये कहां का नियम है, केंद्र सरकार शिक्षा, बेरोजगारी जैसे असली मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए नागरिकता संशोधन बिल की बात कर रही है, ताकि लोग अपनी नागरिकता को साबित करने में उलझे रहे।
मैं देशद्रोही नहीं हूं: कन्हैया कुमार
हर मंच पर मुझ पर आरोप लगता है कि मैं देशद्रोही हूं लेकिन सरकार का विरोध करना कोई देशद्रोह नहीं है, हमें अपनी बात कहने का हक है, जब तक पीएम मोदी रहेंगे तब तक आरोपियों को सजा नहीं मिलेगी, बीजेपी ज्वॉइन कर लेंगे तो सदाचारी हो जाएंगे।

पीएम की बात पर डिबेट की जरूरत नहीं: कन्हैया कुमार
कन्हैया कुमार ने कहा कि देश के पीएम जो कहते हैं, अगर वो हो जाता तो डिबेट की जरूरत नहीं थी, पुलवामा की घटना नोटबंदी की बाद हुई है, संख्या के आधार पर हर चीज़ को सही साबित कर सकते हैं क्या? , जो कुछ भी हो रहा है वो गलत है, जनता इस चीज को समझ रही है।
प्रधानमंत्री मोदी खुद जॉर्ज बुश की भाषा बोल रहे हैं: कन्हैया कुमार
कन्हैया ने पीएम की बात पर आगे कहा कि जहां तक प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पाकिस्तान की भाषा है तो मैं कहूंगा कि प्रधानमंत्री जॉर्ज बुश की भाषा बोल रहे हैं कि जो जॉर्ज बुश के साथ नहीं है तो वो ओसामा बिन लादेन के साथ खड़ा है, लोकतंत्र में सरकार का विरोध करना यह एक लोकतांत्रिक जिम्मेदारी है, लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब विपक्ष होता है, कैंपस में जो विद्यार्थी हैं उनको बधाई देता हूं कि जब इस देश का विपक्ष चुप है तो यूनिवर्सिटी विपक्ष का रोल अदा कर रही है।

आपको किस चीज से आजादी चाहिए?
कन्हैया कुमार ने कहा कि एक सवाल मुझसे बार-बार पूछा जाता है कि आपको किस चीज से आजादी चाहिए? आजादी की बात हमेशा इसलिए करते रहना चाहिए ताकि समाज पर गुलामी हावी न हो जाए और समाज की जो समस्याएं हैं उन समस्याओं से हमें आजादी चाहिए।
आजाद देश में आजादी की बात बेहद जरूरी: कन्हैया
अलग-अलग तबकों की अलग-अलग समस्याएं हैं, विद्यार्थी चाहते हैं उन्हें अशिक्षा से आजादी मिले. गरीब चाहते हैं गरीबी से आजादी मिले, जो महिलाएं हैं वो चाहती हैं कि पुरुषवादी सोंच से आजादी मिले, आजाद देश में आजादी की बात नहीं होगी तो गुलामी की बात होगी क्या? और मुझे नहीं लगता कि मैंने आजादी की बात कहकर कुछ गलत किया है।












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