शुक्रवार तक दिल्ली की आबोहवा हो सकती है 'खराब', कोरोना संकट के बीच प्रदूषण ने बढ़ाई मुश्किलें
नई दिल्ली। कोरोना वायरस संकट के बीच दिल्ली में लगातार खराब होती वायु गुणवत्ता का स्तर महामारी की स्थिति और खराब होने की आशंका है। राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता बुधवार सुबह 'मध्यम' श्रेणी में दर्ज की गई, जबकि एक सरकारी पूर्वानुमान एजेंसी के मुताबिक शुक्रवार तक वायु गुणवत्ता की श्रेणी 'खराब' होने की संभावना है। दिल्ली में आज सुबह 10:30 बजे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 160 दर्ज किया गया जो मध्यम श्रेणी में आता है। मंगलवार को यह 177 AQI था। बता दें कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता में लगातार आ रही गिरावट के बीच पंजाब में किसानों ने पराली जलाना भी शुरू कर दिया है।

सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) ने कहा कि हवा के प्रवाह की अनुकूल स्थिति को देखते हुए गुरुवार तक दिल्ली की वायु गुणवत्ता का स्तर मध्यम श्रेणी में रहने की संभावना है। सफर ने कहा कि मानसून की देर से वापसी और संबंधित स्थिर हवाएं सप्ताह के अंत तक दिल्ली की वायु गुणवत्ता को नकारात्मक रूप से प्रभावित करने की संभावना है। 2 अक्टूबर तक हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने की संभावना है। भारत के मौसम विभाग के एक अधिकारी के अनुसार राजस्थान में सोमवार से मानसून की वापसी शुरू हो गई है, गुरुवार तक उत्तर-पश्चिम भारत के बाकी हिस्सों से वापस आने की उम्मीद है।
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जानिए, कैसे तय की जाती है वायु गुणवत्ता
बता दें कि शनिवार सुबह 9.30 बजे दिल्ली की वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 168 था, जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है। शुक्रवार को यह औसत AQI 134 दर्ज की गई थी। जानकारी के लिए बता दें कि 0 से 50 के बीच AQI को 'अच्छा', 51 से 100 के बीच में 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच के AQI को 'गंभीर' माना जाता है।












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