वाराणसी-गोरखपुर में मीट की किल्लत नहीं, लाइन लगाकर खरीद रहे लोग
पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में नई सड़क एरिया में मोहम्मद मीराज की मटन की दुकान सामान्य तरीके से चल रही है। लोग मीट के लिए लाइन लगाए खड़े दिखाए दिए।
नई दिल्ली। लखनऊ और इसके आस-पास के इलाके में योगी आदित्यनाथ की तरफ से चलाए गए अभियान के तहत अवैध बूचड़खाने बंद करा देने के चलते मीट की कमी हो गई है। वहीं दूसरी ओर, पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में नई सड़क एरिया में मोहम्मद मीराज की मटन की दुकान सामान्य तरीके से चल रही है। लोग मीट के लिए लाइन लगाए खड़े दिखाए दिए।

वहीं, योगी आदित्यनाथ के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर से करीब 100 किलोमीटर दूर पश्चिम में अब्दुल्ला कुरैशी का काम भी अच्छा खासा चल रहा है। नवरात्रि के एक दिन पहले सोमवार को कुरैशी की दुकान पर लोग मीट के लिए लाइन लगाकर खड़े दिखे। दरअसल, मंगलवार से नवरात्रि शुरू हो रही है, जिसके चलते सोमवार को थोड़ी अधिक भीड़ थी, क्योंकि इसके बाद 9 दिन तक शाकाहारी भोजन ही खाना होगा। ये भी पढ़ें- योगी इफेक्ट: पांच साल से अधूरी सड़क आदेश के बाद रातों रात बनकर हो गई तैयार
योगी आदित्यनाथ की तरफ से अवैध बूचड़खानों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के चलते बहुत से ट्रेडर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। उनका कहना है कि योगी आदित्यनाथ की सरकार की तरफ से शोषण किया जा रहा है। हालांकि, भैंस का मांस नहीं मिल रहा है, लेकिन मीट, चिकन और अंडों की न तो वाराणसी में कमी है न ही गोरखपुर में।
गोरखपुर में मीट विक्रेताओं का कहना है कि आदित्यनाथ के अभियान से उनके मीट व्यापार पर कोई असर नहीं पड़ा है। मीट विक्रेता अब्दुल्ला कुरैशी ने कहा कि ट्रेडर्स की ओर से हो रही हड़ताल का समर्थन करने के लिए उनसे संपर्क नहीं किया गया है। हालांकि, चिकन की मांग बढ़ने के चलते उसकी कीमत 180 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 220-240 रुपए प्रति किलो हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि मटन की बिक्री पर कोई फर्क नहीं पड़ा है, हालांकि, सप्लाई में कुछ कमी जरूर आ गई है।












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