बुलंदशहर हिंसा: गांवों में पसरा सन्नाटा, पुरुष अंडरग्राउंड, घरों में सिर्फ बुजुर्ग और महिलाएं
बुलंदशहर। बुलंदशहर में सोमवार को हुई आगजनी और पुलिस इंस्पेक्टर की हत्या के बाद हिंसास्थल के आसपास के गांवों में सन्नाटा है। जिस जगह हिंसा हुई उसके आसपास के गांवों में एक दहशत का माहौल है। चिंगरावठी पुलिस चौकी पर उपद्रव के बाद से आसपास के सभी गांवों में मंगलवार दिन भर सन्नाटा रहा। गांवों में सिर्फ बुजुर्ग और महिलाएं ही रह गई हैं।

अज्ञात के चलते खौफ
सोमवार से ही पुलिस चिंगरावठी और महाव गांव में दबिशें दे रही है। घटना में 27 लोग नामजद हैं। वहीं 50-60 अज्ञात हैं। यही अज्ञात गांव वालों में सबसे ज्यादा खौफ की वजह बने हैं लोगों को यह डर है कि कहीं पुलिस अज्ञात में उन्हें गिरफ्तार ना कर ले। पुलिस चौकी से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित चिंगरावठी गांव के लोगों का कहना है कि उनके गांव के लोग किसी हंगामें में नहीं थे लेकिन डर के चलते लोग गांव छोड़ गए हैं।

पुलिस पर मारपीट का आरोप
महाव और चिंगरावठी गांव के लोगों का कहना है कि पुलिस टीमों ने सोमवार देर रात गांव में दबिश दी। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने आरोपियों के घरों में तोड़फोड़ की और महिलाओं के साथ मारपीट की। पुलिस पर घर के सामान तोड़ने के भी आरोप हैं। कुछ महिलाओं के पुलिस की मारपीट से घायल होने का भी दावा गांव के लोगों का है।

सोमवार को हुआ था बवाल
बता दें कि बुलंदशहर के स्याना इलाके में सोमवार को खबर आई कि जंगलों में गोकशी की गई है। इस खबर के फैलते ही बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों के लोग जमा हो गए और सड़क पर जाम लगा दिया। गुस्साई भीड़ ने वाहनों में तोड़फोड़ करने के अलावा पुलिस पर भी पथराव किया। इस बवाल में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और सुमित कुमार नामक युवक की गोली लगने से मौत हो गई। मामले को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार रात वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और कानून-व्यवस्था संबंधी निर्देश दिए। तनाव को देखते हुए एहतियात के तौर पर बुलंदशहर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।












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