बुलंदशहर का काला सच: 'मारेंगे नहीं, तुम्हें बचाने आए हैं' कहकर मारी थी इंस्पेक्टर सुबोध को गोली

बुलंदशहर हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या से जुड़ा एक बड़ा और काला सच सामने आया है।

नई दिल्ली। यूपी के बुलंदशहर में गौकशी की सूचना पर स्याना इलाके में हुए बवाल को लेकर एक बड़ा और काला सच सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किए गए इंस्पेक्टर सुबोध के हत्यारोपी प्रशांत नट को मौके पर ले जाकर सीन का री-क्रिएशन किया। 35 मिनट के इस सीन री-क्रिएशन में पुलिस अधिकारियों के सामने चौंकाने वाले खुलासे आए। सीन री-क्रिएशन के दौरान पुलिस की जांच में सामने आया कि हत्यारोपियों ने इंस्पेक्टर सुबोध को झांसे में लेकर गोली मारी थी। गोली लगने से पहले इंस्पेक्टर सुबोध लगातार कहते रहे कि उन्हें चोट लगी है, उन्हें मत मारो, लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा और उन्होंने सुबोध को गोली मार दी।

लहूलुहान हालत में बोले सुबोध, चोट लगी है मुझे मत मारो

लहूलुहान हालत में बोले सुबोध, चोट लगी है मुझे मत मारो

गुरुवार को पुलिस ने जब हत्यारोपी प्रशांत नट को मौके पर ले जाकर सीन का री-क्रिएशन किया तो इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या से जुड़े परत-दर-परत कई राज खुले। केस के खुलासे में पुलिस ने बताया कि 3 दिंसबर को गौकशी की सूचना पर स्याना की चिंगरावठी चौकी पर जमा हुए लोग पुलिस के समझाने के बाद लौट चुके थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने सड़क जाम करने के लिए पेड़ काटना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर सुबोध मौके पर पहुंचे और लोगों को रोकने का प्रयास किया। तभी हत्यारोपियों में से एक कलुआ ने इंस्पेक्टर सुबोध के सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। कुल्हाड़ी सिर पर लगने से इंस्पेक्टर सुबोध लहूलुहान हो गए और खेतों की तरफ भागने लगे। इस दौरान इंस्पेक्टर सुबोध ने हत्यारोपियों से कहा कि उन्हें चोट लगी है, उन्हें मत मारो।

प्रशांत ने पीछे से आकर सुबोध को पकड़ा और गिरा दिया

प्रशांत ने पीछे से आकर सुबोध को पकड़ा और गिरा दिया

पुलिस के मुताबिक, खेतों की तरफ भाग रहे इंस्पेक्टर सुबोध के ऊपर हत्यारोपियों ने पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इस दौरान अपने बचाव में इंस्पेक्टर सुबोध ने गोली चलाई। गोली की आवाज सुनकर जब लोग पीछे हटे तो प्रशांत नट ने कहा कि पुलिस उनके ऊपर गोली नहीं चलाएगी, केवल हवाई फायरिंग करेगी। इसके बाद मौके पर मौजूद कुछ लोग घायल इंस्पेक्टर सुबोध को बचाने के इरादे से गांव की तरफ ले जाने लगे। तभी हत्यारोपी वापस लौट आए और कहने लगे कि हम मारेंगे नहीं, तुम्हें बचाने आए हैं। हत्यारोपियों की बात सुनकर इंस्पेक्टर सुबोध झांसे में आ गए। इसके बाद प्रशांत नट ने पीछे से आकर इंस्पेक्टर सुबोध को पकड़ लिया और जमीन पर गिराते हुए उनकी पिस्टल छीनकर उन्हें गोली मार दी।

सुबोध को जलाना चाहते थे हत्यारोपी

सुबोध को जलाना चाहते थे हत्यारोपी

मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इंस्पेक्टर सुबोध को गोली मारने के बाद भी हत्यारोपी शांत नहीं हुए। गोली लगने के बाद जब कुछ पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और इंस्पेक्टर सुबोध को गाड़ी में डालकर ले जाने लगे तो हत्यारोपी फिर से लौट आए और पुलिसकर्मियों पर पथराव कर उन्हें खदेड़ दिया। इसके बाद हत्यारोपियों ने इंस्पेक्टर सुबोध को जलाने के लिए उनकी गाड़ी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। आग लगने से इंस्पेक्टर सुबोध के एक पैर का जूता भी जल गया था। हालांकि तभी कुछ पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और इंस्पेक्टर सुबोध को गाड़ी से निकालकर अस्पताल लेकर गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने इंस्पेक्टर सुबोध को मृत घोषित कर दिया।

क्या हुआ था 3 दिसंबर को

क्या हुआ था 3 दिसंबर को

आपको बता दें कि बीते 3 दिसंबर को बुलंदशहर के स्याना इलाके में एक खेत में गोकशी की सूचना पर हिंदू संगठनों के लोग भड़क गए थे। गुस्साई भीड़ गांव की पुलिस चौकी पर पहुंची और इस मामले में मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और गुस्साए लोगों को समझाने का प्रयास किया। वरिष्ठ अधिकारियों के समझाने के बाद लोग शांत हुए लेकिन कुछ देर बाद देखते ही देखते भीड़ ने उग्र रूप धारण कर लिया। भीड़ ने कई वाहनों में आग लगा दी और पुलिस चौकी के ऊपर पथराव शुरू कर दिया।

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