समय पर बिल्डर ने नहीं दिया फ्लैट, अब ब्याज के साथ लौटाने पड़ेंगे 34 लाख
नई दिल्ली। एक बिल्डर को समय पर फ्लैट बनाकर न देना महंगा पड़ गया। उपभोक्ता आयोग ने बिल्डर को आदेश दिया है कि वो 34 लाख रुपये 12 फीसद वार्षिक ब्याज के साथ वापस करे। इतना ही नहीं बिल्डर पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। जानकारी के मुताबिक मामला गुरुग्राम का है। अंजली चावला ने यूनिटेक लिमिटेड के गुरुग्राम में बनने वाले यूनिटेक हाइट्स प्रोजेक्ट में एक फ्लैट साल 2010 में बुक किया था। बिल्डर ने उनसे तीन साल में फ्लैट देने का अनुबंध किया।

अंजली ने बैंक से लेकर बिल्डर को दिए और बैंक को ब्याज भी देती रहीं। जब उन्हें लगा कि समय पर फ्लैट नहीं मिल पाएगा तो उन्होंने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने बिल्डर को सेवा में कोताही बरतने और अनैतिक व्यापार करने का जिम्मेदार पाया। आपको बता दें कि अंजली ने अपनी शिकायत में कहा था कि उनके और बिल्डर के बीच नवंबर 2010 में अनुबंध हुआ और फ्लैट की कुल कीमत 79 लाख 66 हजार तय हुई। अनुबंध के मुताबिक तीन साल में फ्लैट बनाकर कब्जा दिया जाना था। शिकायत में कहा गया है कि साढ़े सात लाख रुपये बुकिंग के तौर पर दिए थे।
बकाया रकम अदा करने के लिए लोन लिया था। दिसंबर 2012 तक 34 लाख 58 रुपये अदा कर दिए गए थे, लेकिन फ्लैट का निर्माण अधर में ही था। शिकायत के मुताबिक इस बीच कई बार बिल्डर से संपर्क किया गया लेकिन उसकी तरफ से कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जब 2016 तक फ्लैट मिलने के कोई आसार नहीं मिले तो तो लीगल नोटिस दिया गया। बिल्डर की तरफ से नोटिस का भी कोई जवाब नहीं दिया। मामला जब उपभोक्ता आयोग पहुंचा तो आयोग की तरफ से बिल्डर को नोटिस जारी हुआ। इसका जवाब देने के लिए समय दिया गया, लेकिन आयोग में बिल्डर की तरफ से कोई जवाब दाखिल नहीं किया।












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