स्टार्टअप्स को बजट ने दिया सपने देखने का मौका

नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) देश बदल रहा था। तमाम नौजवान उद्यमी बनने का ख्वाब देख रहे हैं। उन्हें ही अपने सपनों को साकार करने का मौका देना चाहते हैं वित्त मंत्री अरुण जेटली। उन्होंने स्टार्ट-अप्स व उद्यमियों खासकर प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए 1,000 करोड़ रपये के कोष की घोषणा की।

मुद्रा बैंक स्थापित

इसके साथ ही सरकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुद्रा बैंक स्थापित करेगी। इस पुनर्वित्त एजेंसी की स्थापना 20,000 करोड़ रुपये के शुरूआती कोष के साथ की जाएगी।

लोकसभा में 2015-16 के लिए आम बजट पेश करते हुए कहा जेटली ने, ‘‘हम स्टार्ट-अप्स में लोगों की दिलचस्पी बढ़ती हुई देख रहे हैं। आधुनिकी प्रौद्योगिकियों में प्रयोग, नयी सोच से मूल्यों का सृजन, इन्हें उद्यमों एवं कारोबारों में परिवर्तित करना हमारी रणनीति के केंद्र में है।''

जेटली ने कहा, ‘‘ हमारे युवाओं को देश के समावेशी व टिकाऊ वृद्धि में लगाने के लिए वैश्विक पूंजी जुटाने की और उदार प्रणाली, शुरुआती पूंजी के लिए धन उपलब्ध कराना और कारोबार करना आसान बनाने की जरूरत है जिससे एक लाख रोजगारों का सृजन किया जा सके एवं सैकड़ों अरब डालर की आय अर्जित की जा सके। सरकार स्वरोजगार एवं प्रतिभा उपयोग (सेतु) नाम की व्यवस्था तैयार कर रही है।

20,000 करोड़ रुपये

अरूण जेटली ने कहा कि कहा, 'मैं लघु इकाई विकास पुनर्वित्त एजेंसी, मुद्रा बैंक के गठन का प्रस्ताव करता हूं जिसका शुरुआती कोष 20,000 करोड़ रुपये होगा।' इससे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को ऋण सुविधा उपलब्ध करवाया जा सकेगा।

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